अहमदाबाद मंडल की पहल: 84 वर्षीय अस्वस्थ रेल पेंशनर का घर पहुंचकर बनाया डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 के तहत साबरमती में विशेष शिविर लगाया। इस दौरान 84 वर्षीय अस्वस्थ सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी शिवचरण झा को घर पहुंचकर Life Certificate की सुविधा दी गई।

तस्वीर में पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 के तहत साबरमती कम्युनिटी हॉल में आयोजित विशेष शिविर के दौरान रेलवे अधिकारी और पेंशनर्स नजर आ रहे हैं, जबकि इनसेट तस्वीर में कर्मचारी अस्वस्थ पेंशनर के घर पर प्रमाणपत्र तैयार करते दिख रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान 5.0 के तहत रेल पेंशनर्स की सुविधा के लिए विशेष शिविर आयोजित किया। साबरमती स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस शिविर के साथ मंडल के पेंशन अनुभाग के कर्मचारियों ने 84 वर्षीय अस्वस्थ रेल पेंशनर के घर पहुंचकर उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार किया।
शिविर का उद्देश्य रेलवे पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में सहायता देना और उन्हें सरल एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना था। इस दौरान वरिष्ठ एवं अस्वस्थ पेंशनर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष पहल की गई।
अभियान के तहत अहमदाबाद मंडल के पेंशन अनुभाग के कर्मचारी 84 वर्षीय वरिष्ठ रेल पेंशनर श्री शिवचरण झा के निवास स्थान पर पहुंचे। झा वटवा में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। अस्वस्थता के कारण वे बिस्तर पर हैं। ऐसे में कर्मचारियों ने उनके घर पहुंचकर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) तैयार किया।
इस पहल का उद्देश्य उन वरिष्ठ एवं अस्वस्थ पेंशनर्स को घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा उपलब्ध कराना है, जो बढ़ती उम्र या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण रेलवे कार्यालय अथवा शिविर तक पहुंचने में असमर्थ हैं। घर पर ही प्रमाणपत्र तैयार होने से ऐसे पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए यात्रा करने की असुविधा से राहत मिलती है।
अहमदाबाद मंडल की यह पहल वरिष्ठ रेल पेंशनर्स के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सेवा भावना को दर्शाती है। मंडल ने पेंशनर्स के कल्याण और उन्हें बेहतर एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

