अहमदाबाद मंडल के पांच रेलकर्मी सम्मानित, सतर्कता से टले संभावित रेल हादसे
अहमदाबाद मंडल के पांच रेल कर्मचारियों को 24 अगस्त 2026 को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ड्यूटी के दौरान तकनीकी खामियां और असामान्य स्थिति समय पर पहचानकर कर्मचारियों ने संभावित दुर्घटनाओं को टाला।

तस्वीर में अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश और अन्य अधिकारी संरक्षा पुरस्कार पाने वाले पांच रेल कर्मचारियों के साथ नजर आ रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में ड्यूटी के दौरान रेल संचालन से जुड़ी संभावित सुरक्षा खामियों को समय रहते पहचानकर आवश्यक कार्रवाई करने वाले पांच रेल कर्मचारियों को “संरक्षा पुरस्कार (Safety Award)” से सम्मानित किया गया। 24 अगस्त 2026 को आयोजित कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक, अहमदाबाद श्री वेद प्रकाश ने पांचों कर्मचारियों को उनकी प्रशंसनीय कार्यशैली के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटनाओं तथा रेल संचालन में व्यवधान को टाला जा सका।
वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री अरविंद कुमार मीणा के अनुसार, सम्मानित कर्मचारियों ने अलग-अलग मौकों पर ड्यूटी के दौरान गंभीर तकनीकी और परिचालन संबंधी खामियों का समय पर पता लगाया।
13 मई 2026 को श्री अजयसिंह आर., लोको पायलट और श्री सुनील पटेल, सहायक लोको पायलट को ट्रेन नंबर 14821 जोधपुर–साबरमती एक्सप्रेस में आबू रोड से साबरमती तक ड्यूटी के लिए नियुक्त किया गया था। ट्रेन आबू रोड से 16:15 बजे रवाना हुई। सरतो रोड और इकबालगढ़ के बीच किलोमीटर 628/07–09 पर ट्रेन करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान क्रू सदस्यों ने ट्रेन में असामान्य झटका महसूस किया। दोनों कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति का आकलन कर संबंधित नियंत्रण कार्यालयों और स्टेशन अधिकारियों को सूचना दी तथा प्रभावित रेलवे सेक्शन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
इकबालगढ़ स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दिए जाने के बाद प्रभावित स्थान से गुजरने वाली आगे की ट्रेनों को 20 किलोमीटर प्रति घंटे की सावधानीपूर्ण गति से चलाने की व्यवस्था की गई। दोनों कर्मचारियों की सतर्कता, सजगता और त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना को समय रहते टालने में महत्वपूर्ण मदद मिली और रेल संचालन की संरक्षा सुनिश्चित हुई।
21 मई 2026 को श्री बंटी कुमार मीणा, सहायक लोको पायलट को वलसाड से अहमदाबाद तक ट्रेन नंबर 22186 के संचालन के लिए नियुक्त किया गया था। ट्रेन 02:52 बजे रवाना होकर 03:45 बजे सूरत स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची। सूरत स्टेशन पर लोकोमोटिव की जांच के दौरान श्री बंटी कुमार मीणा ने व्हील नंबर 10 के ऊपर लगी सेकेंडरी हेलिकल स्प्रिंग टूटी हुई पाई। उन्होंने तत्काल लोको पायलट और स्टेशन अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद मुख्य लोको निरीक्षक श्री अशोक पाठक ने लोकोमोटिव का निरीक्षण किया और 03:53 बजे लोकोमोटिव को खराब घोषित किया गया। इसके बाद लोकोमोटिव नंबर 22540 जोड़ा गया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया। श्री बंटी कुमार मीणा की सतर्कता से लोकोमोटिव की गंभीर तकनीकी खामी समय रहते सामने आई और संभावित दुर्घटना टाली जा सकी।
23 मई 2026 को श्री सरफराज, टेक्नीशियन ग्रेड-I, अहमदाबाद मंडल के साबरमती क्षेत्र में 16/24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात थे। लोकोमोटिव नंबर 37162 की सामान्य जांच के दौरान वे बोगी कार्य क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने व्हील नंबर 08 की टूटी हुई प्राइमरी हेलिकल स्प्रिंग का पता लगाया। उन्होंने तत्काल अपनी शिफ्ट के सुपरवाइजर और संबंधित नियंत्रण कार्यालय को इसकी जानकारी दी। बाद में खराब स्प्रिंग को बदल दिया गया। समय रहते खामी की पहचान कर श्री सरफराज ने लोकोमोटिव को संभावित तकनीकी जोखिम से बचाने और रेल संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
16 मई 2026 को श्री मेरा भाई, टेक्नीशियन ग्रेड-III, विद्युत विभाग के इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन विभाग में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान जखवाड़ा–बाकरोला रेलवे सेक्शन के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरण का पैदल पेट्रोलिंग करते समय उन्होंने किलोमीटर 50/1 पर गंभीर खामी देखी। निरीक्षण में सामने आया कि बिना-इंसुलेटेड ओवरलैप वाले दो कैटेनेरी तारों के बीच लगा जी-जंपर टूट गया था। यदि इस खामी को समय पर दूर नहीं किया जाता तो ओवरहेड बिजली आपूर्ति में गंभीर खराबी आ सकती थी, जिससे ट्रेनों के संचालन में व्यवधान और सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकता था। श्री मेरा भाई ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई शुरू की गई। उनकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा से संभावित ओवरहेड उपकरण विफलता को समय रहते रोका जा सका।
अहमदाबाद मंडल में रेल संचालन की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। ड्यूटी के दौरान छोटी-बड़ी असामान्यताओं की पहचान करना, उनकी तत्काल सूचना देना और समय पर आवश्यक कार्रवाई करना सुरक्षित रेल संचालन का महत्वपूर्ण आधार है। सम्मानित किए गए पांचों कर्मचारियों ने अपनी सतर्कता, सजगता, तकनीकी कुशलता और कर्तव्यनिष्ठा से यह साबित किया कि कर्मचारियों की सजगता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता रेल संरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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