₹493 करोड़ की आदिपुर-भुज डबलिंग परियोजना को मिली मंजूरी, कच्छ में रेल संपर्क और औद्योगिक विकास को मिलेगा नया बल
भारतीय रेल ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में आदिपुर-भुज रेलखंड के दोहरीकरण के लिए ₹493 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है। यह फैसला क्षेत्र में रेल क्षमता, यात्री सेवाओं और माल परिवहन को किस तरह बदल देगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

पश्चिम रेलवे के आदिपुर-भुज रेलखंड के दोहरीकरण कार्य को मंजूरी मिलने के बाद इस रणनीतिक मार्ग पर क्षमता विस्तार और रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है।
भारतीय रेल ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में रेल अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पश्चिम रेलवे के आदिपुर-भुज रेलखंड के दोहरीकरण (डबलिंग) कार्य को मंजूरी दे दी है। लगभग 49 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर ₹493 करोड़ की लागत से डबल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में यात्री सुविधाओं और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी।
मण्डल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अहमदाबाद वेद प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना भारतीय रेल द्वारा देशभर में नेटवर्क क्षमता विस्तार के लिए संचालित डबलिंग, ट्रिपलिंग और अन्य आधारभूत संरचना विकास कार्यक्रमों के तहत स्वीकृत की गई है। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस रेलखंड का दोहरीकरण कच्छ क्षेत्र में बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
वर्तमान में गांधीधाम-नलिया कॉरिडोर पर स्थित आदिपुर-भुज रेलखंड एकल रेल लाइन पर संचालित हो रहा है। हालांकि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जिनमें भुज-नलिया गेज परिवर्तन, नलिया-वायोर लाइन विस्तार तथा नलिया-जखाऊ, वायोर-लखपत और देशलपर-लूना नई रेल लाइन परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद इस मार्ग पर यात्री और माल यातायात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई गई है।
इसी संभावित दबाव को देखते हुए भारतीय रेल ने समय रहते इस रेलखंड के दोहरीकरण का निर्णय लिया है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद दोनों दिशाओं में प्रतिदिन दो अतिरिक्त यात्री रेल सेवाओं का संचालन संभव हो सकेगा। इससे यात्रियों को बेहतर संपर्क, अधिक विकल्प और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
माल परिवहन के क्षेत्र में भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। डबल लाइन के निर्माण के बाद प्रतिवर्ष अतिरिक्त 12 मिलियन टन माल यातायात का संचालन संभव होगा। इससे पश्चिम गुजरात की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक सक्षम एवं विश्वसनीय रेल संपर्क उपलब्ध होगा।
रेलवे के अनुसार वर्तमान में इस रेलखंड की क्षमता उपयोगिता लगातार बढ़ रही है और वर्ष 2029-30 तक इसके 123 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में क्षमता विस्तार की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई थी। डबलिंग परियोजना के माध्यम से रेलमार्ग पर भीड़भाड़ कम होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं घटेंगी और ट्रेनों की समयबद्धता तथा विश्वसनीयता में सुधार आएगा।
भारतीय रेल का मानना है कि इस परियोजना से न केवल यात्री और माल परिवहन में वृद्धि होगी, बल्कि रेलवे की आय में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही कच्छ क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई दिशा मिलेगी। आदिपुर-भुज रेलखंड के दोहरीकरण की यह स्वीकृति भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और सक्षम रेल नेटवर्क विकसित करने की भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करती है।

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