साबरमती रेलवे स्टेशन पुनर्विकास: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया निरीक्षण
राज्यपाल ने स्टेशन के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति का जायजा लिया तथा भविष्य में रेल व बस से यात्रा करने का संकल्प व्यक्त किया।

साबरमती रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान डीआरएम वेद प्रकाश (दाएं) राज्यपाल आचार्य देवव्रत (मध्य) को पुनर्विकास योजना और बुलेट ट्रेन परियोजना की जानकारी देते हुए।
गुजरात के माननीय राज्यपाल Acharya Devvrat ने 13 मई 2026 को पुनर्विकसित किए जा रहे Sabarmati Railway Station का निरीक्षण किया और स्टेशन पर विकसित हो रहे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना करते हुए इसे देश के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया। निरीक्षण के बाद राज्यपाल साबरमती स्टेशन से रेलमार्ग द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हुए।
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने स्टेशन पर प्रदर्शित लघु मॉडल और स्टेशन पुनर्विकास योजना का अवलोकन किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने उन्हें साबरमती रेलवे स्टेशन और NHSRCL बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान श्री अन्नु त्यागी भी उपस्थित रहे।
मीडिया को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि पहली बार उन्हें साबरमती रेलवे स्टेशन देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश और श्री अन्नु त्यागी द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी देखकर वे अत्यंत आश्चर्यचकित और प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा शुरू किया गया बुलेट ट्रेन अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और विशेष रूप से गुजरात में इसका कार्य प्रभावशाली ढंग से संचालित हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि देश के विभिन्न भागों के लिए नियमित रूप से संचालित ट्रेनों के संचालन को प्रभावित किए बिना इतना भव्य और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाना अपने आप में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि संभवतः भारत में पहली बार इस प्रकार का स्टेशन विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार की कैबिनेट ने धोलेरा से साबरमती तक सेमी हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही अहमदाबाद और गांधीनगर क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है, जिससे यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों तक उत्कृष्ट और निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।
राज्यपाल ने कहा कि साबरमती स्टेशन को अत्यंत व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है, जहां आने वाली और जाने वाली ट्रेनों के लिए पृथक व्यवस्था होगी। बुलेट ट्रेन, मेट्रो और देशभर से आने वाली ट्रेनों का यह संगम भविष्य में एक प्रमुख दर्शनीय केंद्र बनेगा।
उन्होंने इस विकास कार्य का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw, रेलवे प्रशासन और सभी रेल अधिकारियों को दिया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वे दिल्ली के लिए रेलमार्ग से प्रस्थान कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप उन्होंने संकल्प लिया है कि उनकी अधिकांश आगामी यात्राएं रेल और एसटी बसों के माध्यम से होंगी। उन्होंने बताया कि वे प्रत्येक सप्ताह गुजरात के विभिन्न तालुकाओं में किसानों के बीच जाते हैं, जनसभाओं में भाग लेते हैं, वृक्षारोपण कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और अनुसूचित जाति परिवारों के बीच समय बिताते हैं। अब वे इन यात्राओं के लिए हवाई मार्ग के बजाय रेलवे और एसटी बसों का उपयोग करेंगे।
ऊर्जा संरक्षण और देश के विकास में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताते हुए राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने अपने काफिले को सीमित कर केवल तीन वाहनों तक रखा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की अपील से प्रेरित होकर लिया गया है, ताकि ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिल सके। आधुनिक रेल, मेट्रो और बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ता साबरमती स्टेशन अब देश के परिवहन ढांचे में नई पहचान बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

Pratahkal Bureau
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