कौन हैं पूर्व सेना प्रमुख General Naravane ? उनके किताब पर क्यों छिड़ा है संग्राम? जाने विस्तार से
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब 'Four Stars of Destiny' को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा। राहुल गांधी ने अग्निपथ और चीन सीमा विवाद से जुड़े अंश पढ़ने की कोशिश की, जिसे सरकार ने रोका। गलवान के नायक रहे नरवणे की इस किताब पर क्यों लगी है रोक? सेना और रक्षा मंत्रालय की जांच के बीच छिड़ी इस सियासी जंग की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

India China Ladakh standoff 2020 Naravane role : भारतीय लोकतंत्र के मंदिर, लोकसभा में इस सप्ताह एक ऐसी किताब की गूँज सुनाई दी, जो अभी तक पुस्तकालयों की अलमारियों तक नहीं पहुँची है। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे के संस्मरणों—'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी'—के अंश पढ़ने की कोशिश ने संसद में एक अभूतपूर्व गतिरोध पैदा कर दिया। वह किताब, जो भारतीय सेना के सबसे चुनौतीपूर्ण कालखंड (चीन विवाद और कोरोना काल) की गवाह है, आज राष्ट्रीय सुरक्षा, सेंसरशिप और राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गई है।
संसद का रणक्षेत्र : "डर" बनाम "गोपनीयता"
सोमवार और मंगलवार को सदन की कार्यवाही उस समय ठप हो गई जब राहुल गांधी ने 'कारवां' मैगजीन में छपे एक लेख के हवाले से जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब की पांच पंक्तियां पढ़ने की अनुमति मांगी।
- विपक्ष का प्रहार: राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "आप आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक उद्धरण से डर रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस किताब को प्रकाशित नहीं होने दे रही क्योंकि इसमें कुछ ऐसा है जो उन्हें असहज करता है।
- सत्ता पक्ष की आपत्ति: भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे नियमों के खिलाफ बताया। उनका तर्क था कि एक ऐसी किताब जो आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है और जिसकी जांच रक्षा मंत्रालय कर रहा है, उसके अंश सदन के पटल पर नहीं रखे जा सकते।
जनरल नरवणे : वह नायक जिसने 'बचाव' को 'हमले' में बदला
जनरल एमएम नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक भारतीय सेना के 28वें प्रमुख रहे। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती 2020 का लद्दाख गतिरोध था।
- गलवान का शौर्य: जून 2020 में जब चीनी सेना ने बफर जोन से हटने से इनकार किया, तब जनरल नरवणे ने भारतीय रणनीति को 'डिफेंसिव' से बदलकर 'ऑफेंसिव डिफेंस' कर दिया।
- कैलाश रेंज की तैनाती: उनके साहसिक फैसले के तहत कैलाश रेंज पर भारतीय टैंकों की तैनाती की गई, जिसने बीजिंग को पीछे हटने पर मजबूर किया। उन्होंने 16 जून 2020 को अपने करियर का 'सबसे दुखद दिन' बताया था, जब भारत ने अपने 20 जांबाज खोए थे।
विवाद की जड़: क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में ?
मीडिया रिपोर्ट्स और पीटीआई (PTI) के दावों के अनुसार, इस किताब में दो मुख्य विषयों पर संवेदनशील जानकारी हो सकती है:
- अग्निपथ योजना: क्या इस योजना का स्वरूप वैसा ही था जैसा सेना ने चाहा था?
- चीन सीमा विवाद: 31 अगस्त 2020 की रात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जनरल नरवणे के बीच हुई वह गुप्त बातचीत, जिसने युद्ध की दिशा बदल दी।
वर्तमान में रक्षा मंत्रालय और सेना की एजेंसियां इस पांडुलिपि की जांच कर रही हैं। प्रकाशक 'पेंगुइन रैंडम हाउस' को निर्देश दिए गए हैं कि जांच पूरी होने तक कोई भी सॉफ्ट कॉपी या अंश सार्वजनिक न किया जाए।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
