पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों ने एक अत्यंत गोपनीय और सुनियोजित ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान से संचालित होने वाले एक बड़े ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय खुफिया इकाइयों को सरहद पार से संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली थी। इस विस्तृत तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की कीमत वाली 64 किलोग्राम से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की है। यह सफलता केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने उस आधुनिक तकनीकी नेटवर्क को भी बेनकाब कर दिया है जिसके माध्यम से सीमा पार बैठे तस्कर भारतीय क्षेत्र में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तस्करों ने सुरक्षा घेरे को चकमा देने के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक का सहारा लिया था। ये ड्रोन रात के अंधेरे में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए सीमा पार से नशीले पदार्थों के पैकेट पूर्व निर्धारित स्थानों पर गिरा देते थे, जहां से स्थानीय तस्कर इन्हें एकत्र कर देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने का काम करते थे। एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस कार्टेल के गहरे संबंधों का पता चला है। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से कई मोबाइल फोन, डमी सिम कार्ड और जीपीएस उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ड्रोन की लैंडिंग और लोकेशन साझा करने के लिए किया जा रहा था।

कानूनी परिप्रेक्ष्य में देखें तो यह मामला नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। पकड़े गए तस्करों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने और देश की आंतरिक शांति भंग करने की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस खेप का उद्देश्य पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की ओर धकेलना और देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करना था। सीमा पर तैनात जवानों की सतर्कता के कारण एक बहुत बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती गांवों में गश्त तेज कर दी है और ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करने का आग्रह किया है। यह घटना स्पष्ट करती है कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन अब केवल सुरक्षा की चुनौती नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और राष्ट्रीय खतरा बन चुके हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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