जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सीमा पार से होने वाली घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को विफल कर दिया है। मंगलवार शाम को कृष्णा घाटी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने एक खूंखार आतंकवादी को मार गिराया, जिसके तार प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का संदेह है। सरहद पर लगातार जारी निगरानी और खुफिया तंत्र की मुस्तैदी ने आतंकियों के नापाक इरादों को एक बार फिर धूल चटा दी है।

सेना के आधिकारिक सूत्रों और 'व्हाइट नाइट कोर' द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना शाम लगभग चार बजे की है। कृष्णा घाटी सेक्टर के सामान्य क्षेत्र में तैनात सतर्क जवानों ने आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से नियंत्रण रेखा के लगभग 300 मीटर भीतर संदिग्ध हलचल देखी। घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर घुसपैठिए भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की फिराक में थे। जैसे ही संदिग्धों की स्थिति पुष्ट हुई, भारतीय सेना की टुकड़ी ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई शुरू की।

प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि मारा गया घुसपैठिया मनकोट के बिचो चौकी के पास के क्षेत्र से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। सूत्रों का मानना है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य था और उसके पास भारी मात्रा में गोला-बारूद होने की संभावना है। सेना की जवाबी फायरिंग के दौरान बाकी आतंकी घने कोहरे और अंधेरे का फायदा उठाकर पीछे भागने में सफल रहे। हालांकि, भारतीय सेना ने किसी भी अन्य छिपे हुए खतरे की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और गहन तलाशी अभियान (कोर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) जारी है।

सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियंत्रण रेखा पर किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए सेना हर वक्त मुस्तैद है। सेना ने इस क्षेत्र पर अपना पूर्ण दबदबा बनाए रखा है और पूरे सेक्टर में परिचालन तत्परता को उच्चतम स्तर पर रखा गया है। घुसपैठ की इस नाकाम कोशिश ने एक बार फिर सीमा पार से जारी आतंकवाद के निर्यात की सच्चाई को उजागर किया है। फिलहाल, मारे गए आतंकी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि और उसके पास से बरामद सामग्री की जांच की प्रक्रिया विधिक रूप से जारी है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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