श्रीगंगानगर, राजस्थान: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस, सीआईडी (CID) इंटेलिजेंस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

ऑपरेशन की पूरी जानकारी

यह कार्रवाई श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गांव 2 KND के पास की गई। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशे की एक बड़ी खेप गिराई जाने वाली है और उसे उठाने के लिए कुछ तस्कर वहां पहुंचने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और BSF ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने खेत से हेरोइन के 20 पैकेट बरामद किए। इनका कुल वजन 10.830 किलोग्राम (लगभग 11 किलो) पाया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 55 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

गिरफ्तार किए गए तस्कर और पंजाब कनेक्शन

पुलिस ने इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए तस्करों में से 3 पंजाब के रहने वाले हैं, जो खास तौर पर इस खेप की डिलीवरी लेने राजस्थान आए थे।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

  • हरमेश उर्फ जोरा सिंह (निवासी: श्रीगंगानगर)
  • रंजीत सिंह (निवासी: रावला, श्रीगंगानगर)
  • सोनू सिंह (निवासी: जलालाबाद, पंजाब)
  • कीर्तन सिंह (निवासी: जलालाबाद, पंजाब)
  • गुरप्रीत सिंह (निवासी: जलालाबाद, पंजाब)

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये तस्कर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे। ड्रोन के जरिए नशा गिराने के लिए खास तरह की रेडियम स्टिक्स का इस्तेमाल किया गया था, ताकि अंधेरे में तस्कर आसानी से लोकेशन की पहचान कर सकें।

जांच में बड़ा खुलासा: पहले भी हो चुकी है तस्करी

पुलिस पूछताछ के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पकड़े गए गिरोह ने स्वीकार किया है कि उन्होंने फरवरी माह में भी इसी तरह ड्रोन के जरिए करीब 12 किलो हेरोइन मंगवाई थी, जिसे वे सफलतापूर्वक पंजाब तक पहुंचाने में कामयाब रहे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पंजाब के फाजिल्का से एक और मुख्य आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ टिंकू को भी हिरासत में लिया है।

सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी

श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर ने बताया कि पाकिस्तान अब तस्करी के लिए पारंपरिक रास्तों के बजाय अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का सहारा ले रहा है। ड्रोन अक्सर रात के अंधेरे में आते हैं और चंद मिनटों में खेप गिराकर वापस लौट जाते हैं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब हाई-टेक रडार और बेहतर इंटेलिजेंस नेटवर्क के जरिए इन चुनौतियों का सामना कर रही हैं।


इस बड़ी बरामदगी ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता कर दिया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की 'बैकवर्ड' और 'फॉरवर्ड' लिंकेज की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धंधे में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। सीमावर्ती गांवों के लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध ड्रोन गतिविधि को देखते ही तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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