जैसलमेर बॉर्डर पर बीएसएफ के नए महानिदेशक का पहला दौरा: सुरक्षा और मुस्तैदी का लिया जायजा

भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नवनियुक्त महानिदेशक (DG) प्रवीण कुमार ने राजस्थान के जैसलमेर सेक्टर का महत्वपूर्ण दौरा किया। पदभार संभालने के बाद सीमावर्ती इलाकों का यह उनका पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने थार रेगिस्तान की विषम परिस्थितियों में तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।

अग्रिम चौकियों का निरीक्षण और तकनीकी निगरानी

महानिदेशक प्रवीण कुमार ने जैसलमेर से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित विभिन्न बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) का दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात अधिकारियों और जवानों से सीधा संवाद किया। डीजी ने विशेष रूप से 'स्मार्ट बॉर्डर टेक्नोलॉजी' और आधुनिक निगरानी उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया। उनका मानना है कि घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए तकनीक और मानवीय सतर्कता का मेल अनिवार्य है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीमा पर लगी बाड़ (Fencing) की स्थिति और रात के समय इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक कैमरों व सेंसरों की कार्यक्षमता को भी जांचा। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।

ऊंट टुकड़ी और जवानों का प्रशिक्षण

जैसलमेर का इलाका अपने ऊंचे रेतीले टीलों के लिए जाना जाता है, जहाँ गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में BSF की ऊंट टुकड़ी (Camel Contingent) गश्त के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। महानिदेशक ने इन टुकड़ियों के कामकाज और उनकी प्रभावशीलता का आकलन किया।

उन्होंने जोधपुर स्थित सहायक प्रशिक्षण केंद्र (STC) में जवानों के प्रशिक्षण स्तर की भी समीक्षा की। डीजी ने कहा कि बदलती चुनौतियों के साथ जवानों का प्रशिक्षण भी आधुनिक होना चाहिए ताकि वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें।

जवानों का कल्याण और मनोबल

सैनिकों से बातचीत के दौरान महानिदेशक ने उनके कल्याणकारी मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने सीमा पर तैनात 'सीमा प्रहरियों' के समर्पण की सराहना की और विश्वास दिलाया कि उनके आवास और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महिला बैरकों और कठिन जलवायु में तैनात जवानों के लिए हाल ही में तैयार किए गए बुनियादी ढांचों का अवलोकन किया।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

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