पहाड़ों की नई गूँज: भारतीय सेना ने शुरू किया 'Sikkim Sundari' रेडियो, अब सरहद के गांवों में बिखरेगी अपनी बोली की मिठास!
त्रिशक्ति कोर ने दुर्गम इलाकों में संचार मजबूत करने और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य का पहला बॉर्डर रेडियो शुरू किया।

पूर्वी सिक्किम में स्थापित संचार टावर; दुर्गम क्षेत्रों में सूचना तंत्र हेतु सेना ने 'सिक्किम सुंदरी' रेडियो लॉन्च किया।
सिक्किम बॉर्डर पर 'Sikkim Sundari' रेडियो स्टेशन की शुरुआत, सेना ने स्थानीय लोगों से बढ़ाया संपर्क
सिक्किम के दुर्गम और बर्फीले सीमावर्ती इलाकों में अब संचार की एक नई लहर दौड़ने वाली है। भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर (Trishakti Corps) ने पूर्वी सिक्किम के एक सीमावर्ती गांव में राज्य के पहले 'बॉर्डर विलेज कम्युनिटी रेडियो स्टेशन' की स्थापना की है, जिसे 'सिक्किम सुंदरी' नाम दिया गया है। 88.4 FM पर प्रसारित होने वाला यह रेडियो स्टेशन केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ऊंचे पहाड़ों पर बसे उन ग्रामीणों के लिए सूचना का एक सशक्त माध्यम बनेगा जो अक्सर खराब मौसम और इंटरनेट की कमी के कारण दुनिया से कटे रहते हैं। यह पहल सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है।
रेडियो 'सिक्किम सुंदरी' का उद्घाटन सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की उपस्थिति में एक गौरवशाली समारोह के दौरान किया गया। इस स्टेशन का मुख्य उद्देश्य भौगोलिक रूप से अलग-थलग पड़े क्षेत्रों में सूचना के अंतर को पाटना है। अक्सर भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो जाती हैं, ऐसी स्थिति में यह रेडियो स्टेशन स्थानीय समाचार, मौसम की ताजा जानकारी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक सूचनाएं पहुंचाने का सबसे भरोसेमंद जरिया साबित होगा।
इस रेडियो स्टेशन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह स्थानीय संस्कृति और युवाओं को एक समर्पित मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि 'सिक्किम सुंदरी' पर न केवल स्थानीय लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण होगा, बल्कि यह क्षेत्र के युवाओं के लिए संचार कौशल (Communication Skills) विकसित करने का एक बड़ा अवसर भी बनेगा। स्थानीय युवाओं को रेडियो जॉकी और कंटेंट क्रिएटर के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को सीधे प्रशासन तक पहुँचा सकेंगे। इसके अलावा, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष जानकारी भी स्थानीय बोलियों में प्रसारित की जाएगी ताकि हर नागरिक इसका लाभ उठा सके।
रणनीतिक दृष्टिकोण से भी यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में 'लोकल कनेक्शन' मजबूत करने से न केवल सेना और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ता है, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता करता है। त्रिशक्ति कोर के अधिकारियों के अनुसार, जब सीमा पर रहने वाला नागरिक सूचनाओं से लैस और सशक्त होगा, तो वह राष्ट्र की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेगा। यह रेडियो स्टेशन सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुँचाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा।
'सिक्किम सुंदरी' की गूँज अब पूर्वी सिक्किम की वादियों में एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। यह पहल स्पष्ट करती है कि भारतीय सेना केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि दुर्गम इलाकों में जीवन को सुगम बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में यह रेडियो स्टेशन न केवल आपदा प्रबंधन के दौरान जीवन रक्षक साबित होगा, बल्कि सिक्किम की समृद्ध विरासत को भी दुनिया के सामने लाने का काम करेगा। यह दूरदराज के क्षेत्रों में सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सेना का एक दूरदर्शी कदम है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
