भारत और कंबोडिया के बीच सैन्य अभ्यास 'सिनबैक्स-2' का आगाज, क्या ड्रैगन के गढ़ में नया चक्रव्यूह रच रहा है भारत?
काम्पोंग स्पू प्रांत में 17 मई तक चलने वाले इस अभ्यास में आतंकवाद विरोधी अभियान और साइबर वारफेयर की रणनीतियों पर होगा मुख्य ध्यान।

भारतीय सेना के जवान कंबोडिया में सिनबैक्स-2 युद्धाभ्यास के दौरान आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस और रणनीतिक निगरानी का अभ्यास करते हुए।
भारतीय सेना की एक विशेष टुकड़ी दक्षिण-पूर्वी एशिया के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश कंबोडिया के साथ द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास 'सिनबैक्स-2' (CINBAX-II) के लिए रवाना हो चुकी है। यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब कंबोडिया के अपने पड़ोसी देश थाईलैंड के साथ संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कंबोडिया और थाईलैंड के बीच पिछले वर्ष जुलाई और दिसंबर 2025 में भीषण सीमा झड़पें हुई थीं, जिसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे के विरुद्ध हवाई हमलों और भारी गोलीबारी का सहारा लिया था।
इस युद्धाभ्यास का आयोजन 4 से 17 मई 2026 तक कंबोडिया साम्राज्य के काम्पोंग स्पू प्रांत स्थित कैंप बेसिल में किया जा रहा है। यह सिनबैक्स अभ्यास का दूसरा संस्करण है, जबकि इसका पहला चरण दिसंबर 2024 में भारत में आयोजित किया गया था। भारतीय सेना की ओर से एक सैन्य दस्ता 3 मई को कंबोडिया के लिए प्रस्थान कर चुका है। इस अभ्यास का मुख्य केंद्र सब-कंवेंशनल वातावरण में कंपनी-लेवल की संयुक्त ट्रेनिंग और संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों का संचालन करना है।
सिनबैक्स-2 की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'टेबल टॉप' (Table Top) स्वरूप है। इसमें नक्शों और उन्नत कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से रणनीतिक चर्चाएं और कूटनीतिक युद्धाभ्यास किए जाते हैं। दोनों देशों की सेनाओं से 20-20 प्रशिक्षित सैनिक इस अभ्यास का हिस्सा हैं, जो न केवल पारंपरिक आतंकवाद से निपटने बल्कि आधुनिक युग के साइबर और हाइब्रिड युद्ध की चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस क्षेत्र में अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत कंबोडिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है। हालांकि, भारत के थाईलैंड के साथ भी संबंध अत्यंत घनिष्ठ हैं, जिसका प्रमाण सितंबर 2025 में दोनों देशों के बीच हुआ सफल सैन्य अभ्यास है। कंबोडिया के साथ यह अभ्यास भारत की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति को दर्शाता है, जहाँ वह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
