राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में सैन्य शक्ति और सामरिक सहयोग की मिसाल पेश करने के लिए भारत और मलेशिया अगले सप्ताह से संयुक्त सैन्य अभ्यास 'हरिमाऊ शक्ति' आयोजित करने जा रहे हैं। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक तालमेल, आधुनिक युद्धक तकनीकों और आपसी सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, 'हरिमाऊ शक्ति' अभ्यास में भारत के थल सेना और मलेशियाई सशस्त्र बलों के विशेष टुकड़ियाँ भाग लेंगी। यह कार्यक्रम राजस्थान के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण स्थल में आयोजित होगा, जहां रेगिस्तानी परिस्थितियों में युद्धाभ्यास, आपातकालीन रणनीतियाँ और सामरिक संचालन की तकनीक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सैनिक अभ्यास का मुख्य आकर्षण रेगिस्तान में उच्च तापमान और कठिन भू-भाग में युद्धक क्षमता का परीक्षण होगा। दोनों देशों के अधिकारी इस अवसर पर साझा करेंगे कि कैसे रेगिस्तानी परिस्थितियों में सामरिक संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। भारतीय सेना का कहना है कि यह अभ्यास न केवल सैनिक दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करेगा।

मलेशिया के प्रतिनिधिमंडल में उच्चस्तरीय सैन्य अधिकारी शामिल होंगे, जो भारतीय सैनिकों के साथ साझा प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेंगे। अभ्यास के दौरान आपसी संचार, निगरानी, और संयुक्त रणनीतिक संचालन के प्रोटोकॉल का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही आतंकवाद विरोधी तकनीकों, आपदा प्रबंधन और सीमापार संचालन की क्षमताओं का भी परीक्षण होगा।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच स्थापित रक्षा समझौतों के अनुरूप किया जा रहा है। भारत और मलेशिया पहले भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग कर चुके हैं, लेकिन 'हरिमाऊ शक्ति' का यह संस्करण विशेष रूप से रेगिस्तानी क्षेत्रों में सामरिक क्षमता बढ़ाने के लिए अनूठा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा में योगदान देते हैं। यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को आपसी युद्धक रणनीतियों और तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने का अवसर देगा। इसके अलावा, यह कार्यक्रम भारतीय सेना की तैयारियों और मलेशियाई सेना के अनुभव को संयुक्त रूप से परखने का भी एक महत्वपूर्ण मंच है।

'हरिमाऊ शक्ति' के सफल समापन के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई प्राप्त होने की उम्मीद है। यह अभ्यास न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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