ब्राजील से दिल्ली आ रही थी 1150 करोड़ की मौत, आधी रात को समंदर चीरकर एटीएस और कोस्ट गार्ड ने नाकाम की बड़ी साजिश
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने मुंद्रा तट के पास विदेशी जहाज एमवी यूरोप से 115 किलोग्राम अंतरराष्ट्रीय कोकीन बरामद की।

गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर संयुक्त अभियान के बाद जब्त किए गए कोकीन के पैकेटों के सामने खड़े भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस के अधिकारी|
अहमदाबाद/नई दिल्ली: भारतीय समुद्री सीमा की सुरक्षा में तैनात भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक बेहद खुफिया और साहसिक संयुक्त अभियान चलाकर देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। सुरक्षा एजेंसियों ने गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा तट के पास समुद्र के बीच एक विदेशी कंटेनर जहाज पर घेराबंदी करते हुए भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के खुले स्रोतों से प्राप्त प्राथमिक मूल्यांकन के अनुसार, जब्त की गई इस कोकीन की अनुमानित कीमत लगभग 1,150 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस सफल ऑपरेशन ने न केवल अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है, बल्कि देश के भीतर नशीले पदार्थों के नेटवर्क को फैलाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का भी पर्दाफाश किया है।
इस बड़े और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशान की शुरुआत गुजरात एटीएस के खुफिया तंत्र से मिली एक बेहद पुख्ता और गोपनीय जानकारी के साथ हुई थी। इनपुट में बताया गया था कि सुदूर दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील से समुद्री रास्ते के जरिए प्रतिबंधित मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी खेप भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाली है। सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल की रणनीतिक टीम ने बिना समय गंवाए गुजरात एटीएस के चुनिंदा जांबाज जवानों को अपनी अत्यधिक आधुनिक और तेज गति वाली इंटरसेप्टर नौकाओं पर सवार किया। सुरक्षा बलों की इन संयुक्त टीमों ने मुंद्रा एंकरेज (लंगरगाह) के विशाल समुद्री इलाके में एक सघन और बेहद गोपनीय तलाशी अभियान शुरू किया, ताकि संदिग्ध जहाज को उसकी भौगोलिक स्थिति बदलने से पहले ही घेरा जा सके।
समुद्र में रात के घने अंधेरे, बेहद कम दृश्यता और लहरों के थपेड़ों के बीच चला यह खोजी अभियान उस समय एक रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया, जब मुंद्रा तट से लगभग पांच नॉटिकल मील दूर लंगर डाले खड़े एक विशालकाय विदेशी कंटेनर जहाज 'एमवी यूरोप' पर तटरक्षक बल के रडार और थर्मल कैमरों की नजर पड़ी। सुरक्षा बलों की नौकाओं को अपनी ओर आते देख जहाज पर सवार चालक दल के कुछ संदिग्ध सदस्यों के बीच अचानक अफरातफरी मच गई। पकड़े जाने के डर से संदिग्ध तस्करों ने जहाज पर रखे भारी-भरकम वाटरप्रूफ बैगों को तेजी से उठाकर समुद्र के गहरे पानी में फेंकना शुरू कर दिया, ताकि ड्रग्स की मौजूदगी के सारे पुख्ता सबूत मिटाए जा सकें और वे कानूनी कार्रवाई से बच निकलें।
विदेशी जहाज से बैगों को समुद्र में फेंके जाते देख भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस की संयुक्त टीम ने अद्वितीय सूझबूझ, त्वरित निर्णय क्षमता और बेहतरीन रणनीतिक तालमेल का परिचय दिया। बिना एक पल गंवाए, जांबाज कमांडो और जवान उस सटीक स्थान पर पहुंच गए जहां बैग फेंके गए थे। रात के घने अंधेरे, कम रोशनी और लहरों के अत्यधिक उतार-चढ़ाव के कारण उत्पन्न हुए बेहद जानलेवा और मुश्किल हालातों के बावजूद, हमारे सुरक्षा बलों ने अपनी जान जोखिम में डालकर समुद्र की लहरों के बीच तैर रहे पांचों बड़े बैगों को सफलतापूर्वक पानी से बाहर निकाल लिया। जब इन भारी बैगों को जहाज पर लाकर खोला गया, तो सुरक्षा अधिकारी भी दंग रह गए।
बरामद किए गए इन पांचों बड़े बैगों की सघन जांच करने पर उनके भीतर से सफेद पाउडर जैसे पदार्थ के कुल 115 पैकेट बरामद किए गए। तटरक्षक बल और एटीएस के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किए गए रासायनिक परीक्षण में इस बात की शत-प्रतिशत पुष्टि हो गई कि बरामद किया गया सफेद पाउडर कोई साधारण पदार्थ नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक महंगी बिकने वाली प्रतिबंधित कोकीन है। बरामदगी के दौरान सभी पैकेटों का वजन किया गया, जिसमें हर पैकेट का वजन लगभग एक किलोग्राम पाया गया। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 115 किलोग्राम शुद्ध कोकीन सुरक्षा बलों के हाथ लगी। शुरुआती खुफिया पूछताछ और जांच से यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कोकीन की यह विशाल खेप मूल रूप से ब्राजील से भारत लाई गई थी और समुद्री बंदरगाह के रास्ते इसे देश की राजधानी दिल्ली में सक्रिय एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क तक सप्लाई किया जाना था।
इस बेहद सफल और ऐतिहासिक जब्ती के बाद, विदेशी कंटेनर जहाज 'एमवी यूरोप' को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में लेकर आगे की विस्तृत और कानूनी जांच के लिए मुंद्रा बंदरगाह पर लाया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), सीमा शुल्क विभाग (कस्टम्स) और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त जांच का दौर लगातार जारी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत जहाज के चालक दल के सदस्यों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के भारतीय गुर्गों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने गर्व के साथ रेखांकित किया कि पिछले पांच वर्षों में भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस द्वारा संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया यह पंद्रहवां बड़ा अभियान है। यह ऐतिहासिक कार्रवाई न केवल देश की समुद्री सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा को प्रमाणित करती है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने और 'नशामुक्त भारत' के राष्ट्रीय संकल्प को हासिल करने के प्रति हमारी सुरक्षा एजेंसियों की अटूट प्रतिबद्धता को भी पूरी मजबूती से दोहराती है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
