मौत को मात: तालाब में जा गिरा वायुसेना का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट; जलसमाधि से पहले जांबाज पायलटों ने ऐसे किया चमत्कार
प्रयागराज में भारतीय वायुसेना का माइक्रोलाइट प्रशिक्षण विमान तकनीकी खराबी के कारण केपी कॉलेज के पास एक तालाब में गिर गया। इस भीषण हादसे में स्थानीय लोगों ने जांबाजी दिखाते हुए दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला। वायुसेना ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। पढ़ें आसमान से तालाब में गिरे इस विमान के रेस्क्यू ऑपरेशन और हादसे की पूरी जानकारी।

Prayagraj IAF Plane Crash : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना का एक प्रशिक्षण विमान तकनीकी खराबी के बाद अनियंत्रित होकर शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में जा गिरा। संगम क्षेत्र से उड़ान भरने के बाद वापस लौट रहा यह 'माइक्रोलाइट 2-सीटर' विमान केपी कॉलेज के पीछे बने तालाब में क्रैश हुआ। गनीमत यह रही कि इस भीषण हादसे में विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं, जिन्हें स्थानीय नागरिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विमान से बाहर निकाला।
आसमान से गिरा 'खामोश गोला': प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
दोपहर करीब 12:15 बजे जब शहर अपनी सामान्य रफ्तार में था, तभी अचानक हवा में डगमगाते एक विमान ने लोगों का ध्यान खींचा। विमान का नियंत्रण पूरी तरह खो चुका था और वह तेजी से केपी कॉलेज के लॉन की ओर बढ़ रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और विमान सीधे तालाब के पानी में समा गया।
तत्काल रेस्क्यू: विमान गिरते ही स्थानीय लोग अपनी जान की परवाह किए बिना तालाब में कूद पड़े। चार युवकों ने फुर्ती दिखाते हुए मलबे में फंसे दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सुरक्षा घेरा: सूचना मिलते ही डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य के नेतृत्व में पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को सील कर दिया।
तकनीकी विफलता या मानवीय चूक? वायुसेना ने शुरू की जांच :
डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि विमान एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। संगम क्षेत्र से वापस लौटते समय अचानक तकनीकी खराबी के कारण पायलटों ने विमान पर से नियंत्रण खो दिया। हालांकि, पायलटों की सूझबूझ की सराहना की जा रही है क्योंकि उन्होंने विमान को रिहायशी बस्ती पर गिरने से बचाते हुए तालाब की ओर मोड़ दिया, जिससे जमीन पर किसी भी नागरिक के हताहत होने की संभावना टल गई।
आगामी कार्यवाही और सुरक्षा प्रोटोकॉल :
वायुसेना के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं और विमान के मलबे को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी: भारतीय वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आंतरिक जांच (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन का सहयोग: पुलिस ने तालाब के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न कर सके।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
