Bharat Forge Ministry of Defence contract : भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है, जब डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारत फोर्ज लिमिटेड ने रक्षा मंत्रालय के साथ 425 करोड़ रुपये के एक बेहद महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक महा-डील के तहत कंपनी भारतीय नौसेना की समंदर में ताकत बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का निर्माण करेगी। यह सौदा न केवल देश की नौसैनिक सुरक्षा को नए आयाम देने जा रहा है, बल्कि औद्योगिक जगत और शेयर बाजार के गलियारों में भी इसकी गूंज साफ सुनाई दे रही है। इस दीर्घकालिक साझेदारी को भारतीय सैन्य आधुनिकीकरण के इतिहास में एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है, जो रक्षा विनिर्माण में विदेशी ताकतों पर भारत की निर्भरता को न्यूनतम स्तर पर ले आएगा।

इस ऐतिहासिक रक्षा सौदे के मुख्य तकनीकी पहलुओं पर नजर डालें तो भारत फोर्ज लिमिटेड भारतीय नौसेना के बेड़े के लिए 12 सेट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर (Marine Gas Turbine Generators- GTGs) का स्वदेशी निर्माण कर उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इन उच्च-क्षमता वाले जेनरेटरों को विशेष रूप से भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के 'कोलकाता क्लास' युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा। वर्तमान में इन युद्धपोतों के ऑनबोर्ड कॉम्बैट सिस्टम, एडवांस्ड हथियारों, रडार नेटवर्क और संवेदनशील सेंसर प्रणालियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भारी मात्रा में निर्बाध बिजली की आवश्यकता होती है। भारत फोर्ज द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक स्वदेशी मशीनें इन युद्धपोतों के पूरे पावर सिस्टम को अपग्रेड कर बिजली उत्पादन का मुख्य जिम्मा संभालेंगी।

इस मेगा प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी विशेषता यह है कि इसके माध्यम से भारतीय नौसेना के युद्धपोतों से पुरानी सोवियतकालीन रूसी तकनीक की विदाई होने जा रही है। मौजूदा समय में इन जहाजों पर बिजली और सेंसर प्रणालियों को ऊर्जा देने के लिए 1980 के दशक के कम क्षमता वाले रूसी जनरेटर सिस्टम काम कर रहे हैं, जो पुराने होने के कारण नौसेना की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुकूल नहीं रह गए थे। अब इन्हें भारत फोर्ज की स्वदेशी और उच्च-क्षमता वाली 1.25 मेगावाट की पावरफुल प्रणालियों से रिप्लेस किया जाएगा। इन उन्नत मशीनों के स्थापित होने से नौसैनिक जहाजों की ऑपरेशनल कैपेसिटी और युद्धक क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे इस जटिल और संवेदनशील प्रोजेक्ट को अगले पांच वर्षों की निर्धारित समयावधि के भीतर पूरी तरह अमलीजामा पहनाया जाना है।

इस समझौते के कानूनी और आधिकारिक पहलुओं को देखें तो रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा कॉन्ट्रैक्ट 'बाय (इंडियन)' यानी 'भारतीय खरीदें' श्रेणी के कड़े प्रावधानों के तहत हस्ताक्षरित किया गया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की गरिमामयी मौजूदगी में हुए इस समझौते की अनिवार्य शर्त यह है कि निर्मित होने वाले उपकरणों में कम से कम 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्रियों और कलपुर्जों का इस्तेमाल होना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इन जनरेटरों को आधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों का सबसे धड़कता हुआ दिल और अहम हिस्सा बताया है, जो सीधे तौर पर सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को आगे बढ़ाते हुए रक्षा मैन्युफैक्चरिंग को घरेलू स्तर पर आत्मनिर्भर बनाएंगे।

इस भारी-भरकम ऑर्डर का सीधा और सकारात्मक असर वित्तीय बाजार में कंपनी के प्रदर्शन पर भी साफ नजर आया। रक्षा मंत्रालय से आधिकारिक मंजूरी की खबर सार्वजनिक होते ही शुक्रवार को भारत फोर्ज के शेयरों ने बाजार में जबरदस्त छलांग लगाई और यह 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2041.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस ट्रेडिंग सत्र के दौरान स्टॉक ने निवेशकों को गदगद करते हुए 2059.50 रुपये के अपने नए ऑल-टाइम और 52-वीक हाई के शिखर को भी छू लिया। लगभग 97,597 करोड़ रुपये के विशाल मार्केट कैप वाली इस कंपनी के प्रति निवेशकों का आकर्षण आने वाले हफ्तों में भी बरकरार रहने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। कुल मिलाकर, यह डील न केवल कॉर्पोरेट जगत के लिए मुनाफे का सौदा है, बल्कि वैश्विक मंच पर हिंद महासागर में भारत की संप्रभुता और सुरक्षा दीवारों को अभूतपूर्व रूप से अभेद्य बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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