Beating Retreat Ceremony delhi : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक विजय चौक आज एक बार फिर भारतीय सैन्य शक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का साक्षी बनेगा। 77वें गणतंत्र दिवस समारोहों के औपचारिक समापन के प्रतीक, 'बीटिंग रिट्रीट' (Beating Retreat) समारोह का आयोजन आज शाम ढलते ही किया जाएगा। यह गरिमामय अवसर न केवल सशस्त्र बलों की सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत करेगा, बल्कि रायसीना हिल्स की भव्यता के बीच राष्ट्र की अटूट एकता का संदेश भी देगा।

महामहिम की उपस्थिति और राष्ट्र का गौरव :

समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। उनके साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित देश के शीर्ष नेतृत्व और विदेशी राजनयिक भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह समारोह हमारी समृद्ध सैन्य विरासत और उन वीरों के प्रति सम्मान है, जो मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समारोह की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे "राष्ट्रीय गौरव और सैन्य परंपरा का प्रतिबिंब" करार दिया।

30 सुरीली प्रस्तुतियां: सुरों में घुलेगा राष्ट्रवाद

इस वर्ष का बीटिंग रिट्रीट समारोह विशेष रूप से विविधतापूर्ण होने वाला है। सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के संगीत बैंड अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

  • संगीत का जादू: समारोह में कुल 30 प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें पारंपरिक सैन्य मार्चिंग धुनों के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत का समावेश होगा।
  • विजुअल डिलाइट: रायसीना हिल्स की इमारतों (नॉर्थ और साउथ ब्लॉक) पर होने वाली मनमोहक रोशनी समारोह के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देगी।
  • भावुक समापन: कार्यक्रम का अंत सदाबहार और हृदयस्पर्शी गीत 'सारे जहाँ से अच्छा' की धुन के साथ होगा, जिसे बिगुल वादकों द्वारा बजाया जाएगा।

समारोह का महत्व और विरासत :

'बीटिंग रिट्रीट' सदियों पुरानी उस परंपरा से उपजा है जब युद्ध के मैदान में सूर्यास्त के समय सेनाएं पीछे हटती थीं और झंडे उतार दिए जाते थे। भारत में यह गणतंत्र दिवस उत्सव का आधिकारिक समापन माना जाता है। इस दौरान राष्ट्रपति के अंगरक्षक (PBG) की उपस्थिति और उनके द्वारा राष्ट्रपति को दी जाने वाली सलामी इस आयोजन को अत्यंत औपचारिक और गंभीर बनाती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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