पाक की 'ड्रोन वाली साजिश' बेनकाब: अमृतसर बॉर्डर पर IED के साथ पकड़ा गया युवक, जानें अमृतसर में कैसे टला बड़ा खतरा!
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजा गया था आईईडी विस्फोटक, अमृतसर में सुरक्षा बलों ने संदिग्ध युवक को दबोचकर शुरू की जांच।

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास विस्फोटक के साथ पकड़े गए संदिग्ध आरोपी को पुलिस कस्टडी में लेते सुरक्षा कर्मी।
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर पड़ोसी देश की नापाक हरकतों को विफल करते हुए एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। पंजाब के अमृतसर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल और पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के साथ दबोचा गया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब संदिग्ध युवक सीमावर्ती इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था।
प्रारंभिक जांच और आधिकारिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि बरामद आईईडी (विस्फोटक) पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में भेजा गया था। तकनीक का सहारा लेकर सीमा पार से आतंकियों और उनके आकाओं द्वारा विस्फोटक भेजने की यह घटना सुरक्षा चक्र में सेंध लगाने की एक सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है। सुरक्षा बलों ने पकड़े गए युवक के पास से खतरनाक विस्फोटक के साथ-साथ कुछ अन्य संदिग्ध उपकरण भी बरामद किए हैं।
कानूनी कार्रवाई के तहत अमृतसर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि इस विस्फोटक की डिलीवरी का मुख्य प्राप्तकर्ता कौन था और इसे पंजाब के किस संवेदनशील हिस्से में ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल किया जाना था। आरोपी के मोबाइल नेटवर्क और पिछले संपर्कों को खंगाला जा रहा है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुँचा जा सके।
सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी ने सुरक्षा बलों के सामने नई और जटिल चुनौतियां पेश कर दी हैं। अमृतसर की यह घटना स्पष्ट करती है कि सीमा पार से शांति भंग करने के प्रयास निरंतर जारी हैं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने एक संभावित त्रासदी को टाल दिया है, लेकिन भविष्य के खतरों को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तंत्र को और अधिक हाई-टेक और सख्त करने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
