भारतीय सेना की अग्निवीर योजना में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद दो साल का अतिरिक्त एक्सटेंशन यानी समय बढ़ाने का विकल्प देने की तैयारी कर रही है। इस नए बदलाव की घोषणा 21 नवंबर से पहले की जा सकती है, क्योंकि इसी दिन भारतीय नौसेना के अग्निवीरों का पहला बैच अपनी चार साल की सेवा पूरी कर रहा है। इसके बाद 21 दिसंबर को वायुसेना और 31 दिसंबर को थल सेना के पहले बैच का कार्यकाल पूरा होगा।

केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को की थी। इसके तहत तीनों सेनाओं में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती की जाती है, जिसमें उनका ट्रेनिंग का समय भी शामिल होता है। मौजूदा नियमों के अनुसार, चार साल की सेवा समाप्त होने के बाद अग्निवीरों के प्रदर्शन, योग्यता और सेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में पक्का यानी परमानेंट कर लिया जाता है। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

अब जो नया प्लान सामने आ रहा है, उसके लागू होने के बाद भारतीय सेना में तीन अलग-अलग श्रेणियों के सैनिक होंगे। पहले अग्निवीर, दूसरे एक्सटेंशन पाने वाले अग्निवीर और तीसरे परमानेंट सैनिक। हालांकि, अभी इस बात की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है कि तीनों सेनाओं में से किस सर्विस में कितने अग्निवीरों को यह दो साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा।

अगर हम मौजूदा व्यवस्था की बात करें, तो चार साल की सेवा पूरी करके बाहर आने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज के रूप में लगभग 11.71 लाख रुपये की राशि ब्याज सहित एकमुश्त दी जाती है। इस रकम में अग्निवीर के वेतन से काटी गई राशि और सरकार द्वारा मिलाया गया बराबर का योगदान शामिल होता है। इसके साथ ही उन्हें एक स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, ताकि भविष्य में उन्हें दूसरी नौकरियां हासिल करने में मदद मिल सके।

सेवा के दौरान सभी अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर भी दिया जाता है। हालांकि, चार साल बाद सेना से मुक्त होने वाले इन अग्निवीरों को नियमित पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को राज्य सरकारों की नौकरियों में अवसर दिलाने के लिए भी केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। अब एक्सटेंशन का यह नया ऑफर लागू होने से कई युवाओं को सेना में दो साल और सेवा देने का मौका मिल सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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