दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर 'अग्नि चक्र' का आयोजन; जानें विमान हादसे के बाद कैसे सुरक्षा एजेंसियों ने परखी ताकत
दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान दुर्घटना की स्थिति में त्वरित बचाव और संकट प्रबंधन क्षमताओं को परखने के लिए अभ्यास किया। जानें पूरी जानकारी।

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 'अग्नि चक्र' ड्रिल के दौरान विमान पर पानी की बौछार करते सुरक्षाकर्मी ताकि आपातकालीन प्रतिक्रिया जांची जा सके।
IGI Airport Agni Chakra Mock Drill : देश के सबसे व्यस्ततम हवाई अड्डों में शुमार इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर मंगलवार को उस समय हड़कंप जैसी स्थिति दिखाई दी, जब विमान दुर्घटना की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। दरअसल, यह किसी वास्तविक हादसे का मंजर नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों को धार देने के लिए आयोजित की गई एक व्यापक मॉक ड्रिल ‘अग्नि चक्र’ थी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित विमान दुर्घटना की स्थिति में त्वरित बचाव और संकट प्रबंधन की क्षमताओं का बारीकी से आकलन करना था।
इस हाई-प्रोफाइल मॉक ड्रिल के दौरान जैसे ही विमान दुर्घटना का सिमुलेशन (नकली परिस्थिति) तैयार किया गया, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। देखते ही देखते पूरे दुर्घटना स्थल को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और आवागमन को नियंत्रित कर बचाव एवं निकासी अभियान शुरू किया गया। इस चुनौतीपूर्ण अभ्यास में सीआईएसएफ के साथ-साथ एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF), दिल्ली पुलिस, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS), चिकित्सा दलों, विभिन्न एयरलाइंस और ग्राउंड एजेंसियों के कर्मियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इस दौरान अंतर-एजेंसी संचार प्रणाली और हताहतों को संभालने की प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगातार ऐसे अभ्यास किए जा रहे हैं। इससे पहले 6 अप्रैल को सीआईएसएफ और एनएसजी (NSG) के नेतृत्व में एक हाई-इंटेंसिटी एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था, जबकि 30 मार्च को संयुक्त काउंटर-टेरर अभ्यास के जरिए आतंकी हमलों से निपटने की रणनीति पर काम किया गया था। इन निरंतर अभ्यासों से सुरक्षा बलों की आपातकालीन प्रतिक्रिया और समन्वय क्षमता को मजबूती मिली है।
New Delhi: A full-scale aircraft crash mock exercise, ‘Agni Chakra’, was conducted at IGI Airport. Personnel from CISF, ARFF, Delhi Police, BDDS, medical teams, airlines, and ground agencies participated.The drill assessed inter-agency coordination, emergency response,… pic.twitter.com/3tCxkZswyp— All India Radio News (@airnewsalerts) May 12, 2026
सुरक्षा जांच का यह सिलसिला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। हाल ही में अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यूपी एटीएस और पुलिस के साथ मिलकर आतंकी हमले का मुकाबला करने का अभ्यास किया गया था। इसी तरह मार्च और अप्रैल के दौरान तिरुचिरापल्ली और भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एंटी-हाइजैकिंग एक्सरसाइज आयोजित की गईं। सुरक्षा एजेंसियों का यह समन्वित प्रयास सुनिश्चित करता है कि भारतीय आसमान और हवाई अड्डे किसी भी अप्रिय घटना का सामना करने के लिए हर पल तैयार हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
