भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए चलाएंगे स्वदेशी आंदोलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर स्वामी रामदेव ने स्वदेशी आंदोलन को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मोत्सव के अवसर पर पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली में प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना करते हुए उन्हें “देवतुल्य राष्ट्रऋषि” बताया। साथ ही, स्वदेशी आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाकर भारत को आर्थिक और आध्यात्मिक महाशक्ति बनाने का संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएँ और आभार :
प्रेस वार्ता के आरंभ में स्वामी रामदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि मोदी का हिमालय जैसा व्यक्तित्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें स्वदेशी, स्वधर्म, राष्ट्रधर्म और सनातन धर्म का सार सन्निहित है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रभाव का भी उल्लेख किया।
पतंजलि की भूमिका और योगदान :
स्वामी रामदेव ने विस्तार से बताया कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में पतंजलि की सक्रिय भागीदारी रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और स्वदेशी को गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचाना पतंजलि का संकल्प है। उन्होंने इसे केवल आर्थिक स्वावलंबन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिक्षा क्षेत्र में नई पहल :
प्रेस वार्ता में पतंजलि योगपीठ की ओर से शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़े कदमों की घोषणा की गई। स्वामी रामदेव ने कहा कि देशभर के सभी जिलों में सीबीएसई, भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) और राज्य बोर्ड के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को 11 हजार से 51 हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें गौरवान्वित करना है।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की योजना पर भी प्रकाश डाला गया। स्वामी रामदेव ने कहा कि मैकाले की औपनिवेशिक शिक्षा प्रणाली ने भारतीय समाज में वैचारिक दरिद्रता और गुलामी की मानसिकता को जन्म दिया। इसे बदलने के लिए पहले चरण में 1 लाख और आगे चलकर 3 लाख विद्यालयों को स्वदेशी शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसे आदर्श चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना है, जो भविष्य में पूरे विश्व का नेतृत्व कर सकें। भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एन.पी. सिंह ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड को वैधानिक स्वरूप दिलाने में प्रधानमंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की घोषणा :
स्वामी रामदेव ने समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी कई घोषणाएँ कीं। पतंजलि योगपीठ की ओर से देशभर में 750 स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुफ्त स्वास्थ्य जाँच, योगाभ्यास और जीवनशैली से जुड़ी परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
स्वदेशी आंदोलन को नया विस्तार :
प्रेस वार्ता में स्वामी रामदेव ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में पतंजलि का मुख्य लक्ष्य स्वदेशी आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर “वोकल फॉर लोकल” और स्वदेशी अभियान को केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे एक जनांदोलन बनाया जाएगा। गाँव-गाँव और घर-घर तक इस विचारधारा को पहुँचाकर भारत को न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि आध्यात्मिक शक्ति के रूप में भी स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
आध्यात्मिक और राष्ट्रीय दृष्टिकोण :
स्वामी रामदेव ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत की प्रगति केवल भौतिक समृद्धि से पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्थान भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक महाशक्ति बनना नहीं, बल्कि विश्व में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाला राष्ट्र बनना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आयोजित इस प्रेस वार्ता में स्वामी रामदेव ने न केवल प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व की प्रशंसा की, बल्कि पतंजलि की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वदेशी आंदोलन के विस्तार से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा भी की। इन पहलों के माध्यम से उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत का सपना केवल सरकारी नीतियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, संगठन और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
