नवी मुंबई। देशभर में फैलते ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप्स के जाल पर रायगढ़ साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार कर 350 करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह मामला न केवल भारी-भरकम पैसों के लेनदेन से जुड़ा है, बल्कि इसमें फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और संदिग्ध नेटवर्क की भी परतें उजागर हुई हैं।

रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भारमल मीणा (38) इस पूरे नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है। वह कथित तौर पर पाँच अन्य लोगों के साथ मिलकर इस अखिल भारतीय रैकेट को संचालित कर रहा था। पुलिस की जाँच में सामने आया है कि मीणा के रिश्तेदारों को रोजाना एक लाख रुपये का कमीशन दिया जाता था, ताकि उनके बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन हो सकें। पुलिस अब उसके पाँच साथियों की तलाश कर रही है।

यह मामला अलीबाग निवासी अमित जाधव (37) की शिकायत से सामने आया। जाधव ने 9 सितंबर को साइबर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले उन्हें AM999, मधुर मटका और परिमैच ऐप्स से जुड़े संदेश मिले, जिनमें ऊँचे मुनाफे का लालच दिया गया था। 29 अगस्त को जाधव ने पहली बार AM999 ऐप के वॉलेट में अपनी यूपीआई आईडी के जरिए 10,000 रुपये जमा किए। इसके बाद उन्होंने और उनके एक दोस्त ने परिमैच नामक स्पोर्ट्स बेटिंग ऐप में भुवनेश्वर स्थित एक बैंक खाते में 50,000 रुपये का भुगतान भी किया। लेकिन जल्द ही उन्हें पता चला कि भारत में ऐसे गेमिंग ऐप्स अवैध हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।

प्रारंभिक जाँच के बाद पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (BNS) और महाराष्ट्र जुआ अधिनियम के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया। साथ ही, ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के संचालन, विज्ञापन, सेवाएँ प्रदान करने और प्रचार-प्रसार में शामिल कंपनियों या व्यक्तियों के खिलाफ अपराध निवारण अधिनियम, 1887 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई।

पुलिस की गहन छानबीन में सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्ध बैंक खातों के जरिए धनराशि का भारी लेन-देन किया गया। अब तक कुल 44 बैंक खातों की पहचान की गई है और 19.4 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इनमें से कई खाते फर्जी कंपनियों और नामचीन व्यक्तियों के नाम पर खोले गए थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एपेक्सियो लिमिटेड नामक कंपनी की निदेशक स्मितिका बोस की मिलीभगत से तीन चालू खाते खोले गए थे, जिनमें पिछले दो महीनों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। इसी तरह, न्यू3जी सेवा के नाम पर खोले गए खाते में 56 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जबकि उस कंपनी के निदेशक रमाकांत साहू वास्तव में एक मोबाइल दुकान चलाते हैं। पेक्यू सॉल्यूशंस नामक कंपनी के खाते से 114 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिसके निदेशक के तौर पर सुजाता साहू का नाम दर्ज था, जो असल में एक गृहिणी हैं। वहीं, ला पितु-रा नाम की एक और कंपनी के खाते में 186 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ। इस खाते के निदेशक सौभाग्य रंजन बेहरा बताए जा रहे हैं।

इन खातों में से कुछ में अब केवल मामूली राशि बची है। उदाहरण के तौर पर, पेक्यू सॉल्यूशंस के खाते में महज 10,000 रुपये और ला पितु-रा के खाते में 1.3 लाख रुपये शेष मिले। पुलिस को संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर धन शोधन और सट्टेबाजी के लिए किया गया।

साइबर पुलिस को इस रैकेट में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता का भी शक है। अधिकारियों ने बताया कि इतने बड़े पैमाने पर लेन-देन बिना आंतरिक मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। इसी कारण मामले की गहन जाँच की जा रही है।

उधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस प्रकरण की जाँच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, परिमैच ऐप ने अब तक 500 से अधिक खच्चर खातों के जरिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।

350 करोड़ रुपये के इस ऑनलाइन गेमिंग रैकेट का खुलासा यह दर्शाता है कि कैसे अवैध सट्टेबाजी और फर्जी ऐप्स का जाल आम नागरिकों तक पहुँच चुका है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस रैकेट के बड़े हिस्से को उजागर कर दिया है, लेकिन अभी भी कई पहलू और सहयोगी सामने आना बाकी हैं। आने वाले दिनों में यह जाँच ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों की दुनिया का एक और बड़ा चेहरा उजागर कर सकती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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