भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट तेजस को बड़ी मजबूती मिली है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तीसरा F-404 इंजन सौंप दिया है। यह इंजन LCA तेजस मार्क-1A विमानों में लगाया जाएगा। भारत और अमेरिका के बीच हाल के तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद यह डिलीवरी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से इस प्रोजेक्ट में देरी हो रही थी।



देरी के बाद मिली डिलीवरी :


डील के मुताबिक, अमेरिका की GE कंपनी को 99 F-404 इंजन भारत को देने हैं। इनमें से इस साल 12 इंजन HAL को मिलने थे। हालांकि, सप्लाई लगातार देरी से हो रही है। अब तक सिर्फ तीन इंजन भारत को मिले हैं, जबकि चौथा इंजन इसी महीने के आखिर तक आने की उम्मीद है। अगस्त 2025 में अमेरिका से कोई भी डिलीवरी नहीं हुई थी, क्योंकि उस समय दोनों देशों के बीच टैरिफ और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर तनाव गहराया हुआ था।



अमेरिका-भारत संबंध और ट्रंप का रुख :


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया चीन यात्रा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार भारत की तारीफ की थी। इसी के बाद अमेरिका की ओर से डिलीवरी में तेजी आई है। इससे पहले ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाकर उसे "डेड-इकोनोमी" करार दिया था। लेकिन भारत की नीतियों और कूटनीतिक दबाव के बाद अब अमेरिका ने झुकते हुए इंजन सप्लाई फिर से शुरू की है।



HAL की तैयारी और वायुसेना की उम्मीदें :


HAL पहले ही LCA तेजस मार्क-1A के 10 वर्जन तैयार कर चुका है। हालांकि, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सार्वजनिक रूप से इंजन सप्लाई में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की थी। इस महीने तेजस से स्वदेशी अस्त्र मिसाइल और शॉर्ट रेंज एयर टू एयर मिसाइल का परीक्षण होना है। परीक्षण सफल रहा तो वायुसेना को दो मार्क-1A विमान सौंपे जाएंगे।



बड़ा करार और भविष्य की योजना :


वर्ष 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL से 83 LCA मार्क-1A विमानों की सप्लाई का करार किया था, जिसकी कुल कीमत करीब 48 हजार करोड़ रुपए है। इसके लिए ही GE कंपनी से 99 F-404 इंजन खरीदे गए थे। अभी तक सप्लाई बेहद धीमी गति से हो रही है। अमेरिका का दावा है कि वैश्विक सप्लाई चेन की समस्या इसकी वजह है, लेकिन रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैरिफ वॉर और अन्य राजनीतिक कारणों से हो रहा है।


सरकार का सख्त रुख :


पिछले महीने ही भारत सरकार ने वायुसेना के लिए अतिरिक्त 97 स्वदेशी लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पीके मिश्रा ने बेंगलुरु स्थित HAL फैक्ट्री का दौरा कर LCA प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा भी की थी। माना जा रहा है कि यदि F-404 इंजन की सप्लाई तय समय पर मिलती है तो वायुसेना को मार्च 2026 तक 10 नए तेजस मार्क-1A विमान मिल जाएंगे। तीसरे F-404 इंजन की डिलीवरी से यह साफ हो गया है कि LCA तेजस मार्क-1A प्रोजेक्ट अब गति पकड़ रहा है। यह सिर्फ एक लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट नहीं बल्कि Make in India का प्रतीक है। आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट भारतीय वायुसेना को नई ताकत देगा और भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बनाएगा।



Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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