जयपुर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर बुधवार, 28 अक्टूबर को इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के 76वें स्थापना दिवस पर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग प्रमुखता से उठी। देश के प्रथम एवं अग्रणी पत्रकार संगठनों में शामिल आईएफडब्ल्यूजे के स्थापना दिवस पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, आजीविका की रक्षा और वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की मांग की। संगठन ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पत्रकार साथियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान संगठन के प्रदेश सचिव और बाड़मेर के वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बोथरा के 25 अक्टूबर को हुए आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रवीण बोथरा का असमय निधन संगठन और पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

कार्यक्रम के बाद आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में संगठन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने और पत्रकारों की लंबित मांगों का समाधान करने की मांग को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

इस प्रतिनिधिमंडल में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनवीर सिंह चुंडावत, प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष भट्टाचार्य, संरक्षक विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश सचिव शालिनी श्रीवास्तव, पाली जिलाध्यक्ष अरुण जोशी, सवाई माधोपुर जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा और मालवीय नगर विधानसभा प्रभारी कुलदीप गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

वार्ता के दौरान राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने पत्रकारों की मांगों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो चुका है, वहां के कानूनी प्रावधानों और मसौदों का अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने संगठन से संबंधित राज्यों में लागू कानूनों के मसौदे उपलब्ध करवाने को कहा, ताकि उनके आधार पर राजस्थान में भी आवश्यक पहल की जा सके। संगठन ने इस पर सहमति जताते हुए अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन करने और विस्तृत दस्तावेज सरकार को उपलब्ध करवाने की बात कही।

आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने पत्रकारों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन दूसरों के अधिकारों की आवाज उठाने वाले पत्रकार स्वयं अपनी सुरक्षा, सम्मान और आजीविका के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईएफडब्ल्यूजे ने पहले भी इसी शहीद स्मारक पर लगातार 19 दिनों तक धरना देकर सरकार का ध्यान पत्रकारों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया था। इसके बावजूद पत्रकारों की प्रमुख मांगों का अब तक ठोस समाधान नहीं हो पाया है।

राठौड़ ने कहा कि पत्रकार सरकार से टकराव नहीं चाहते, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और सम्मानजनक आजीविका की गारंटी चाहते हैं। यदि सरकार वास्तव में पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है, तो उसे आश्वासनों से आगे बढ़कर समयबद्ध निर्णय लेने होंगे।

संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनवीर सिंह चुंडावत ने पत्रकारों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकार कोई आंदोलनजीवी नहीं हैं। उनका मूल दायित्व समाज और सरकार के बीच सूचना एवं संवाद का सेतु बनना है। हालांकि, जब पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और आजीविका ही संकट में पड़ जाए, तो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए यदि 19 दिनों के स्थान पर 19 वर्षों तक भी संघर्ष करना पड़ा, तो संगठन पीछे नहीं हटेगा।

प्रदेश सचिव शालिनी श्रीवास्तव ने पत्रकार सुरक्षा कानून के निर्माण में हो रही देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पत्रकार की परिभाषा निर्धारित करने के नाम पर वर्षों से इस महत्वपूर्ण विषय को उलझाया जा रहा है। उनके अनुसार, वास्तविक पत्रकार वह है जो समाज के बीच रहकर जनहित के मुद्दे उठाता है, शासन-प्रशासन से सवाल करता है और विपरीत परिस्थितियों में भी सच सामने लाने का साहस रखता है।

शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा और आर्थिक संबल उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे एवं मझोले समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी प्रावधान किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से पहुंचे पत्रकार प्रतिनिधियों ने खोजी पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों पर कथित प्रशासनिक दबाव, धमकियों, झूठे मुकदमों और आजीविका को प्रभावित करने वाली कार्रवाइयों को लेकर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न केवल संबंधित पत्रकार को प्रभावित करती है, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के वातावरण को भी कमजोर करती है।

संगठन ने मांग की कि पत्रकारों के विरुद्ध धमकी, हिंसा, उत्पीड़न और अधिकारों के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। पदाधिकारियों ने दोहराया कि पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने और अन्य लंबित मांगों के समाधान तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।

आईएफडब्ल्यूजे ने सरकार से अपेक्षा जताई कि अन्य राज्यों के कानूनी प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद राजस्थान में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों की मांगों की लगातार अनदेखी होती रही, तो संगठन अपने आंदोलन को और व्यापक बनाने के साथ आमरण अनशन जैसे कदमों पर भी विचार कर सकता है।

संगठन के 76वें स्थापना दिवस पर जयपुर के शहीद स्मारक से उठी पत्रकारों की आवाज ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को फिर केंद्र में ला दिया। पत्रकारों ने स्पष्ट संदेश दिया कि पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए, सवाल पूछने की आजादी सुनिश्चित हो और पत्रकारिता को प्रतिशोध का माध्यम न बनाया जाए। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अन्य राज्यों के कानूनों के अध्ययन के बाद राजस्थान में इस दिशा में ठोस और समयबद्ध पहल कब शुरू होती है।

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Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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