NASA and Merck collaboration for cancer drug crystallization : चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में एक ऐसा अध्याय जुड़ गया है, जो कल तक केवल कल्पनाओं का हिस्सा लगता था। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की शून्य गुरुत्वाकर्षण वाली प्रयोगशालाओं से एक ऐसी सफलता हाथ लगी है, जिसने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के विरुद्ध मानव जाति के संघर्ष को एक नई दिशा प्रदान की है। नासा (NASA) और दिग्गज अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी 'मर्क' (Merck) के संयुक्त शोध ने यह सिद्ध कर दिया है कि अंतरिक्ष की 'माइक्रोग्रैविटी' केवल शोध का विषय नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली दवाओं के निर्माण का सबसे सटीक मंच है। इस शोध के परिणामस्वरूप कैंसर के उपचार की लंबी और कष्टदायक प्रक्रियाओं को अब महज चंद मिनटों के एक इंजेक्शन में समेटने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

इस क्रांतिकारी परिवर्तन के केंद्र में मर्क की प्रसिद्ध इम्यूनोथेरेपी दवा 'पेम्ब्रोलिजुमाब' (Pembrolizumab) है, जिसका उपयोग वर्तमान में मेलानोमा और फेफड़ों के कैंसर के उपचार में किया जाता है। अब तक इस दवा को देने के लिए मरीजों को अस्पताल में घंटों तक नस के जरिए 'इन्फ्यूजन' या ड्रिप की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें पहले दो घंटे और बाद में करीब 30 मिनट का समय लगता था। लेकिन अंतरिक्ष में प्रोटीन क्रिस्टल के विकास पर हुए गहन अध्ययन ने इस पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है। वैज्ञानिकों ने पाया कि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के विपरीत, अंतरिक्ष की भारहीनता में प्रोटीन के क्रिस्टल अधिक शुद्ध, बड़े और एकसमान आकार के बनते हैं। इस उच्च गुणवत्ता वाले क्रिस्टलाइजेशन ने वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की कि दवा की संरचना को कैसे बदला जाए ताकि इसे इंजेक्शन के माध्यम से सीधे त्वचा के नीचे दिया जा सके।

प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर भी इस उपलब्धि को बड़ी मान्यता मिली है। सितंबर 2025 में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इस 'सबक्यूटेनियस इंजेक्शन' को अपनी आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस मंजूरी के बाद अब मरीजों को हर तीन हफ्ते में केवल 1 से 2 मिनट का समय अस्पताल में देना होगा, जिससे न केवल उनके समय की बचत होगी बल्कि इलाज पर होने वाले अतिरिक्त खर्च और अस्पताल में रुकने की मानसिक पीड़ा भी कम होगी। उल्लेखनीय है कि मर्क कंपनी और नासा का यह सहयोग साल 2014 से निरंतर चल रहा था, जहाँ ISS नेशनल लैबोरेटरी के माध्यम से मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज की संरचना पर हजारों प्रयोग किए गए।

यह सफलता इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि अंतरिक्ष अनुसंधान का उद्देश्य केवल अन्य ग्रहों की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ पृथ्वी पर मानवता के कल्याण के लिए भी है। नासा के विशेषज्ञों का मानना है कि 'स्पेस फार्मास्युटिकल्स' के इस नए युग में कैंसर ही नहीं, बल्कि कई अन्य लाइलाज बीमारियों के समाधान भी ब्रह्मांड की गहराइयों में छिपे हो सकते हैं। यह इंजेक्शन न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक तकनीकी सुधार है, बल्कि उन लाखों कैंसर योद्धाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जिनके लिए अब उपचार की राह पहले से कहीं अधिक सुलभ, तेज और सम्मानजनक होने जा रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story