देश में किडनी स्टोन के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हर वर्ष लाखों लोग किडनी में पथरी की समस्या से जूझते हैं, जिनमें युवाओं और मध्यम आयु वर्ग की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, पानी की कमी और भोजन में बढ़ी हुई प्रोसेस्ड वस्तुओं की मात्रा इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।


किडनी स्टोन वास्तव में कैल्शियम, फॉस्फेट, यूरिक एसिड या अन्य मिनरल्स के छोटे-छोटे कठोर क्रिस्टल होते हैं, जो किडनी में जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। जब यह पथरी मूत्रमार्ग में फंस जाती है, तो तेज दर्द, सूजन और संक्रमण जैसी गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।


नीचे किडनी स्टोन से जुड़े प्रमुख पहलुओं को समझना महत्वपूर्ण है:

किडनी स्टोन के प्रमुख लक्षण (Symptoms):

  • पीठ, कमर या पेल्विस क्षेत्र में अचानक और तीव्र दर्द
  • पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना या कम मात्रा में आना
  • मूत्र का धुंधला या बदरंग होना
  • पेशाब में खून आना
  • जी मिचलाना, उल्टी या बेचैनी
  • बुखार और ठंड लगना (इन्फेक्शन की संभावना)

आयुर्वेदिक घरेलू उपचार:

पथरचट्टा (Patharchatta / Bryophyllum Leaves):

  • किडनी स्टोन में सबसे प्रसिद्ध औषधीय पत्ता। इसकी पत्तियों का जूस या पत्तों को चबाना स्टोन को छोटा करने में मदद करता है।
  • ये मूत्रमार्ग को साफ करने और कैल्शियम स्टोन को तोड़ने में सहायक माना जाता है।


तुलसी के पत्ते (Basil Leaves):

  • तुलसी में एसेटिक एसिड होता है, जो किडनी स्टोन को घुलाने में मदद करता है।
  • तुलसी का रस + शहद या तुलसी चाय नियमित लेने से लाभ होता है।


धनिए के पत्ते (Coriander Leaves):

  • यह शरीर से विषैले तत्व निकालता है और मूत्र बढ़ाता है, जिससे छोटे स्टोन बाहर आ सकते हैं।
  • धनिया पानी किडनी स्टोन में बहुत उपयोग किया जाता है।


सहजन के पत्ते (Drumstick Leaves / Moringa Leaves):

  • ये सूजन और दर्द कम करते हैं।
  • मूत्रमार्ग को साफ रखते हैं और स्टोन बनने से रोकते हैं।


गिलोय के पत्ते:

  • किडनी को शुद्ध करते हैं और स्टोन बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
  • प्रतिरक्षा तंत्र भी मजबूत होता है।


कुल मिलाकर, किडनी स्टोन एक गंभीर समस्या है, लेकिन समय रहते सही देखभाल और आयुर्वेदिक-आधारित सावधानियों से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआत के लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए, तो मरीज बड़े ऑपरेशन से भी बच सकता है। स्वस्थ जीवनशैली, साफ पेयजल की आदत और प्राकृतिक उपचारों का संयमित उपयोग किडनी को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।




Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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