सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं द्वारा रबर जैसी बनावट और दुर्गंध की शिकायतों के बाद खाद्य नियामक ने एक सप्ताह के भीतर मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट।

नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां एक क्लिक पर घर बैठे किराना और खाने-पीने का सामान मिल जाता है, वहीं ऑनलाइन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। देश की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज की गई शिकायतों का स्वत: संज्ञान लिया है। नियामक ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड) को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर खराब गुणवत्ता वाले अंडों की बिक्री के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इस कदम से ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाली तमाम कंपनियों में हड़कंप मच गया है।

हाल ही में विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन मंगाए गए अंडों की खराब गुणवत्ता को लेकर आक्रोश व्यक्त किया था। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि डिलीवरी किए गए अंडों से अत्यधिक दुर्गंध आ रही थी और उबालने या पकाने पर उनकी बनावट रबर जैसी महसूस हो रही थी। उपभोक्ताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ई-कॉमर्स कंपनियां केवल एक कूरियर या डिलीवरी पार्टनर की तरह व्यवहार नहीं कर सकतीं, बल्कि अपनी वेबसाइट पर बेचे जाने वाले हर उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता के लिए वे सीधे तौर पर उत्तरदायी हैं। इसी जन-असंतोष को देखते हुए खाद्य नियामक ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए ब्लिंकिट को एक सप्ताह के भीतर एक व्यापक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) सौंपने का आदेश दिया है।

नियामक ने स्पष्ट किया है कि ई-कॉमर्स खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) के लिए देश के खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। दिसंबर 2024 में जारी एक पूर्व परामर्श का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने याद दिलाया कि खाद्य क्षेत्र में ई-कॉमर्स के बढ़ते दायरे को देखते हुए उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रामाणिक उत्पाद पहुंचाना इन कंपनियों की बुनियादी जिम्मेदारी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए गए किसी भी उत्पाद के दावे और उसकी वास्तविक पैकेजिंग पर दी गई जानकारी में पूर्ण समानता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, इन कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर किसी भी विक्रेता को तब तक सूचीबद्ध करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जब तक कि उस विक्रेता के पास एक वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण न हो।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए नियामक ने अंडों की ताजगी और गुणवत्ता की जांच करने के वैज्ञानिक तरीके भी साझा किए हैं। सामान्य तौर पर अंडे कमरे के तापमान (लगभग 28 डिग्री सेल्सियस) पर दिए जाने के बाद 10 से 12 दिनों तक ताजा रहते हैं, लेकिन तापमान बढ़ने पर उनकी शेल्फ लाइफ तेजी से घट जाती है। उपभोक्ता घर पर ही पानी के एक बर्तन में अंडा डुबोकर उसकी जांच कर सकते हैं। यदि अंडा पूरी तरह ताजा है, तो वह बर्तन के तल पर आड़ा बैठ जाएगा। थोड़ा पुराना होने पर वह तल पर एक कोने से खड़ा रहेगा, और यदि अंडा पूरी तरह सड़ चुका है, तो वह पानी की सतह पर तैरने लगेगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अंडे के पुराने होने पर उसके भीतर की हवा की थैली बड़ी हो जाती है।

इस प्रकार की विनियामक कार्रवाई न केवल त्वरित वाणिज्यिक कंपनियों की जवाबदेही तय करेगी, बल्कि करोड़ों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सुपरफूड माने जाने वाले अंडे में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों और वयस्कों के शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं। ऐसे में ऑनलाइन माध्यमों से अशुद्ध या दूषित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर लगाम लगाना देश की समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम साबित होगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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