smoking se hoth ka kala padna : स्मोकिंग और स्वास्थ्य के बीच संबंध हमेशा चर्चा में रहता है। आम लोगों में यह सवाल भी अक्सर उठता है कि क्या सिगरेट पीने से होंठ काले होने लगते हैं। हालिया अध्ययनों और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, यह केवल एक मिथक नहीं है बल्कि सच भी हो सकता है।

मैक्स हॉस्पिटल की सीनियर कंसलटेंट और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मंजू खेसारी का कहना है कि सिगरेट में मौजूद निकोटिन सीधे तौर पर होंठ की त्वचा में जमा हो जाता है और पिगमेंटेशन की समस्या पैदा करता है। लगातार स्मोकिंग से होंठ की त्वचा में हीट पैदा होती है, जिससे मेलेनिन का अधिक उत्पादन होता है और होंठों का रंग डार्क हो जाता है। साथ ही, स्मोकिंग से रिलीज होने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन सप्लाई को प्रभावित करता है, जो होंठों की डार्कनेस में इजाफा करता है।

स्मोकिंग की वजह से होंठ सूखने लगते हैं और यदि त्वचा की सूजन या इन्फ्लामेशन को नजरअंदाज किया जाए, तो पिगमेंटेशन और भी बढ़ सकता है। इसके अलावा, धूप में निकलने पर निकोटिन के कारण स्किन का नैचुरल डिफेंस सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे होंठों पर डार्कनेस और गहराती है।

डॉ. मंजू ने होंठों की सुरक्षा और रिपेयर के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं। बाहर जाते समय एसपीएफ वाले लिप बाम का प्रयोग करें, त्वचा को हाइड्रेट रखें, पर्याप्त पानी पिएं और विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा और अमरूद खाएं। एंटीऑक्सीडेंट्स का सेवन होंठों की स्किन को नेचुरली ग्लोइंग बनाने में मदद करता है।

सिगरेट की लत से बचने के लिए विशेषज्ञ कहते हैं कि इसे धीरे-धीरे कम करें, सामाजिक संगतों में सावधानी रखें और निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसी दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें। खुद को व्यस्त रखना और सकारात्मक गतिविधियों में समय बिताना भी स्मोकिंग से दूरी बनाने में मददगार साबित होता है।

स्मोकिंग केवल फेफड़ों के कैंसर का खतरा नहीं बढ़ाती, बल्कि होंठों और चेहरे की त्वचा पर भी गहरा असर डालती है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस आदत से जितनी जल्दी दूरी बनाई जाए, उतना ही बेहतर है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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