Dental Care India : आज किसी भी डेंटल क्लिनिक में जाएँ, तो बड़ी संख्या में ऐसे मरीज मिलेंगे जो दांतों में झनझनाहट, इनेमल पतला होने या दांतों के किनारों के टूटने की शिकायत करते हैं। पहले ये समस्याएं उम्र बढ़ने या लापरवाही से जोड़ी जाती थीं, लेकिन अब डेंटिस्ट्स ने एक नया पैटर्न देखा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 27 प्रतिशत डेंटल मरीजों में इनेमल इरोजन के लक्षण पहले से मौजूद हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर नुकसान किसी लापरवाही से नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की उन आदतों से हो रहा है, जो देखने में सामान्य और सुरक्षित लगती हैं।

छोटी-छोटी आदतें जो इनेमल को कमजोर करती हैं :

  1. भारी ब्रशिंग: कई लोग दिन की शुरुआत जोरदार ब्रशिंग से करते हैं और मानते हैं कि जितना ज्यादा दबाव, उतनी बेहतर सफाई। हार्ड ब्रश या ज्यादा दबाव से किया गया ब्रश इनेमल को धीरे-धीरे घिसता है।
  2. एसिडिक और मीठे पेय: कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, खट्टे जूस, चाय, कॉफी और मीठे स्नैक्स इनेमल को लगातार एसिड के संपर्क में लाते हैं। एसिडिक एक्सपोज़र से बचने के लिए पानी से कुल्ला या स्ट्रॉ का इस्तेमाल सहायक हो सकता है।
  3. कम पानी पीना: लार दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा करती है। कम पानी पीने या अधिक कॉफी/शराब के सेवन से लार की मात्रा घटती है, जिससे इनेमल कमजोर हो जाता है।
  4. घरेलू व्हाइटनिंग नुस्खे: नींबू, बेकिंग सोडा या एक्टिवेटेड चारकोल जैसी चीजें थोड़े समय के लिए दांत चमका सकती हैं, लेकिन उनकी खुरदरी और एसिडिक प्रकृति इनेमल को नुकसान पहुंचाती है।

इनेमल बचाने के उपाय :

  • इनेमल प्रोटेक्शन वाले टूथपेस्ट: सामान्य टूथपेस्ट सफाई या व्हाइटनिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि इनेमल प्रोटेक्शन वाले टूथपेस्ट दांतों की मजबूती बनाए रखने और एसिड अटैक से बचाने में मदद करते हैं।
  • सही ब्रशिंग तकनीक: मुलायम ब्रिस्टल वाले ब्रश और हल्का दबाव अपनाएं।
  • हाइड्रेशन और डाइट: पर्याप्त पानी पीएं और अत्यधिक एसिडिक/मीठे खाने से बचें।
  • डेंटिस्ट से नियमित चेकअप: समय-समय पर दांतों की जांच कराना इनेमल क्षरण को रोकने में सहायक है।

दांतों का इनेमल स्वस्थ जीवन का आधार है। रोज़मर्रा की इन छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके हम दांतों की सुरक्षा कर सकते हैं और लंबे समय तक अपनी मुस्कान को बनाए रख सकते हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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