अक्सर लोग ताजगी और सुविधा के कारण पैकेज्ड जूस का सेवन करते हैं, लेकिन क्या यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है? विशेषज्ञों और शोधों के मुताबिक, पैकेज्ड जूस में मौजूद कुछ तत्व हमारे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश पैकेज्ड जूस में शुगर की मात्रा अधिक होती है। इसके सेवन से रक्त शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ सकता है, जो दीर्घकालिक रूप से मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा, जूस में प्रयुक्त प्रिजर्वेटिव और कृत्रिम फ्लेवर हमारे पाचन तंत्र और इम्यून सिस्टम पर भी असर डाल सकते हैं।

शोध में यह भी पाया गया है कि पैकेज्ड जूस में प्राकृतिक पोषक तत्वों जैसे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा कम हो जाती है। इसके विपरीत, ताजे फलों का रस अधिक पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होता है, जो शरीर को आवश्यक ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

कानूनी और नियामक दृष्टिकोण से, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पैकेज्ड जूस पर कड़े मानक तय किए हैं। इसके अंतर्गत जूस में मिलाए जाने वाले शुगर और प्रिजर्वेटिव की सीमा निर्धारित की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्रमाणित और FSSAI अनुमोदित जूस का ही सेवन करना चाहिए, और पैकेज्ड जूस को रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।

आम उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि पैकेज्ड जूस को पानी या नारियल पानी के साथ मिलाकर सेवन करें, जिससे शुगर की मात्रा कम हो और हाइड्रेशन बनी रहे। इसके साथ ही, फल और सब्जियों का सेवन रोजाना करना स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक लाभकारी माना जाता है।

इस पूरी स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि पैकेज्ड जूस केवल अस्थायी ताजगी प्रदान करता है, लेकिन नियमित और अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों की चेतावनी इस बात की ओर इशारा करती है कि स्वास्थ्य और पोषण के मामले में ताजगी और प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता देना ही सुरक्षित और लाभकारी है।

इसलिए, पैकेज्ड जूस की लोकप्रियता के बावजूद, इसे संतुलित और नियंत्रित मात्रा में ही अपनाना उचित रहेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सच्चा पोषण ताजे फलों और घर पर तैयार किए गए जूस में ही निहित है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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