दक्षिण अमेरिका से यूरोप की ओर बढ़ रहे डच क्रूज़ जहाज MV Hondius पर फैले दुर्लभ हंटावायरस संक्रमण ने दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिकों को लेकर भी आशंकाएं गहराई थीं, लेकिन अब भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि दोनों भारतीय पूरी तरह सुरक्षित, स्वस्थ और फिलहाल बिना किसी लक्षण के हैं। हालांकि, वैश्विक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है।

करीब 150 यात्रियों और क्रू सदस्यों को लेकर चल रहा डच-ध्वज वाला यह जहाज स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ़ पहुंच चुका है। जहाज पर हंटावायरस संक्रमण के मामलों के सामने आने के बाद पूरे जहाज को स्वास्थ्य निगरानी में रखा गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्पेनिश स्वास्थ्य अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को नियंत्रित प्रक्रिया के तहत जहाज से उतारा गया।

भारतीय दूतावास, मैड्रिड ने जानकारी दी कि जहाज पर मौजूद दोनों भारतीय नागरिक क्रू मेंबर के तौर पर कार्यरत थे। स्पेन के नेशनल सेंटर फॉर इमरजेंसी मॉनिटरिंग एंड कोऑर्डिनेशन के मुताबिक दोनों भारतीयों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नीदरलैंड भेजा गया है, जहां उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है। दूतावास ने यह भी कहा कि भारतीय राजदूत लगातार स्पेनिश अधिकारियों और प्रभावित भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं तथा उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।

इस बीच, जहाज पर फैले संक्रमण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह संक्रमण एंडीज स्ट्रेन हंटावायरस से जुड़ा हुआ है, जिसे हंटावायरस का सबसे दुर्लभ और खतरनाक प्रकार माना जाता है। यही वह स्ट्रेन है जिसमें सीमित स्तर पर इंसानों के बीच संक्रमण फैलने की क्षमता देखी गई है, विशेष रूप से लंबे समय तक निकट संपर्क में रहने पर।

11 मई 2026 तक इस जहाज से जुड़े कुल 8 मामलों की पुष्टि या पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 5 से 6 मामले लैब में पुष्टि किए गए हैं। इस संक्रमण से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में एक डच दंपति और एक जर्मन यात्री शामिल हैं। इसके अलावा एक अमेरिकी यात्री की रिपोर्ट हल्की पॉजिटिव आई है, जबकि एक अन्य यात्री में लक्षण पाए जाने के बाद अमेरिका के नेब्रास्का में निगरानी में रखा गया है।

बताया जा रहा है कि MV Hondius ने अप्रैल में अर्जेंटीना के उशुआइया से ध्रुवीय अभियान के लिए यात्रा शुरू की थी। यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों में बुखार और सांस संबंधी लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद मामला गंभीर होता चला गया। संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण जहाज को अस्थायी रूप से अलग निगरानी में रखा गया था। स्वास्थ्य एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि संक्रमण जहाज पर सवार होने से पहले फैला था या फिर सीमित स्तर पर जहाज के भीतर इंसानों के बीच संक्रमण हुआ। स्पेन पहुंचने के बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों को उनके-अपने देशों में भेजा जा रहा है, जहां सख्त क्वारंटीन और स्वास्थ्य निगरानी लागू की गई है। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस और नीदरलैंड समेत कई देश अपने नागरिकों की लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों ने फिलहाल आम जनता के लिए बड़े खतरे से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह वायरस कोविड-19 जैसी तेजी से फैलने वाली महामारी की स्थिति पैदा नहीं करता, क्योंकि एंडीज हंटावायरस का संक्रमण बेहद सीमित परिस्थितियों में फैलता है। फिर भी जहाज पर सामने आए मामलों ने वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र को सतर्क कर दिया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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