गोरखपुर में शुरू किए गए ‘मातृ सेवा’ पायलट प्रॉजेक्ट के तहत मई से अब तक 77 हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जान बचाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इस प्रॉजेक्ट से जुड़े आंकड़े जारी किए।

इस मॉडल में हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को जरूरत पड़ने पर समय रहते बड़े अस्पताल में रेफर करने के लिए स्वास्थ्य टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाया गया है। रेफरल की जानकारी वॉट्सऐप के जरिए संबंधित टीमों तक भेजी जाती है, जिससे अस्पताल को मरीज के पहुंचने से पहले ही जरूरी तैयारी करने का समय मिल जाता है।

इस व्यवस्था का एक उदाहरण देवरिया की 34 वर्षीय रिंकी देवी का मामला है। उन्होंने पथरदेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उन्हें काफी रक्तस्राव होने लगा। स्थिति को देखते हुए देवरिया की स्वास्थ्य टीम ने गोरखपुर की रेफरल ट्रैकिंग टीम को तुरंत इसकी जानकारी दी। टीम को बताया गया कि रिंकी देवी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।

जानकारी मिलते ही गोरखपुर की टीम ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी टीम से संपर्क किया और मरीज के पहुंचने से पहले जरूरी तैयारी करने को कहा। टीम को यह भी बताया गया कि जरूरत पड़ने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के नाम पर एक यूनिट इमरजेंसी ब्लड की व्यवस्था की जाए।

वॉट्सऐप पर अलर्ट मिलने के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज की टीम पहले से तैयार थी। मरीज के अस्पताल पहुंचते ही रक्त चढ़ाने और आपात उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मरीज के आने से पहले जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थीं। इससे इलाज शुरू करने में अतिरिक्त समय नहीं लगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ‘मातृ सेवा’ पायलट प्रॉजेक्ट के तहत मई से अब तक 77 हाईरिस्क गर्भवतियों की जान बचाई जा चुकी है। इस मॉडल में रेफरल के दौरान अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों और बड़े अस्पताल के बीच समय पर सूचना और समन्वय पर जोर दिया गया है।

रिंकी देवी का मामला इस व्यवस्था में समय पर सूचना मिलने और अस्पताल की टीम के पहले से तैयार रहने का उदाहरण है। हाईरिस्क गर्भावस्था में समय पर रेफरल और उपचार की जरूरत होती है। ‘मातृ सेवा’ मॉडल के तहत इसी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करने की व्यवस्था की गई है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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