भारत में अंडों के स्वास्थ्य पर हमेशा से ही बहस रही है। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में यह दावा सामने आया कि अंडों में कैंसर पैदा करने वाले तत्व पाए जाते हैं। इन दावों ने आम जनता में चिंता और भ्रम दोनों को जन्म दिया। इस बीच, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इस मामले में अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारत में उपलब्ध अंडे मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं और नियमित रूप से अंडे खाने को कैंसर से जोड़ना गलत और विज्ञान-सम्मत नहीं है।

पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि अंडों में नाइट्रोफ्यूरान (Nitrofuran) जैसे रसायन पाए जाते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। हालांकि, FSSAI ने कहा कि ये दावे वैज्ञानिक रूप से समर्थित नहीं हैं और इसे सभी अंडों पर लागू करना उचित नहीं है। इस प्रकार की अफवाहें आम उपभोक्ताओं में डर और भ्रम उत्पन्न कर रही हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।

FSSAI ने यह भी कहा कि अंडे की तैयारी और सेवन की विधि स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। उदाहरण के लिए, अत्यधिक तली हुई या जलाई हुई सामग्री में संभावित हानिकारक यौगिक बन सकते हैं। वहीं, उबले, पोच किए या हल्के तले हुए अंडे सेवन के लिए अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। इस पर वैज्ञानिक अनुसंधान भी जोर देता है कि अंडे का मॉडरेट सेवन सामान्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और कैंसर के जोखिम को बढ़ाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय शोधों के अनुसार, अंडों के सेवन और कैंसर के बीच कोई स्थायी संबंध स्थापित नहीं हुआ है। कुछ अध्ययन अत्यधिक अंडे खाने और कोलोरेक्टल कैंसर या प्रोस्टेट कैंसर के संभावित संबंध की जांच करते हैं, लेकिन प्रमाण असंगत और पर्याप्त नहीं हैं। FSSAI ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि सामान्य मात्रा में अंडे का सेवन सुरक्षित और पोषक है।

नाइट्रोफ्यूरान जैसी प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग भारतीय पोल्ट्री उद्योग में कानूनी रूप से निषिद्ध है। FSSAI के अनुसार, यदि कोई अवशेष पाए जाते हैं, तो वह कानूनी उल्लंघन का मामला है, न कि अंडे को स्वाभाविक रूप से हानिकारक बताने का कारण। सरकारी निरीक्षण और परीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि बाज़ार में उपलब्ध अंडे स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों।

अंडों के स्वास्थ्य पर फैली अफवाहों के बीच, FSSAI का स्पष्ट संदेश उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आता है। यह सुनिश्चित करता है कि सुरक्षित और नियंत्रित अंडे सेवन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं, और किसी भी तरह के डर या भ्रम में आना आवश्यक नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार और उचित तैयारी के साथ अंडे रोज़मर्रा के आहार का सुरक्षित हिस्सा हो सकते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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