मानव शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कई पोषक तत्व अनिवार्य हैं, लेकिन इनमें सबसे महत्वपूर्ण स्थान विटामिन-C को दिया जाता है। यह ऐसा पोषक तत्व है जिसे शरीर स्वयं नहीं बना सकता, इसलिए इसका नियमित सेवन जीवन के हर चरण में आवश्यक माना जाता है। हाल के वर्षों में चिकित्सा विशेषज्ञों और पोषण वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से विटामिन-C की भूमिका पर जोर दिया है, क्योंकि यह प्रतिरोधक क्षमता से लेकर त्वचा, हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य तक अनेक कार्यों में केंद्रीय भूमिका निभाता है।

विटामिन-C, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने वाला एक प्रमुख एंटीऑक्सिडेंट है। यह संक्रमणों से लड़ने में शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन व्यक्तियों में विटामिन-C का स्तर संतुलित रहता है, उनका शरीर संक्रमणों का मुकाबला अधिक प्रभावी तरीके से कर पाता है। यही कारण है कि मौसम परिवर्तन, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमणों के दौरान चिकित्सक विटामिन-C युक्त आहार बढ़ाने की सलाह देते हैं।

विटामिन-C की सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में से एक कोलेजन निर्माण है। कोलेजन वह प्रोटीन है जो त्वचा, हड्डियों, मांसपेशियों, दांतों और रक्त वाहिकाओं की मजबूती का आधार माना जाता है। शरीर में कोलेजन निर्माण की प्रक्रिया विटामिन-C के बिना संभव नहीं है, यही कारण है कि इसकी कमी होने पर घाव भरने में अधिक समय लगता है। चिकित्सा पुस्तकें स्पष्ट रूप से बताती हैं कि गंभीर कमी की स्थिति में स्कर्वी जैसी बीमारी भी हो सकती है, जिसमें मसूड़ों से खून आना, त्वचा का कमजोर होना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

आयरन अवशोषण में भी विटामिन-C की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पौधों से मिलने वाला आयरन (नॉन-हीम आयरन) शरीर में आसानी से अवशोषित नहीं होता, लेकिन विटामिन-C इसे अन्य रूपों में परिवर्तित करके अधिक उपयोगी बनाता है। इसी कारण आयरन की कमी या एनीमिया से जूझ रहे व्यक्तियों को विटामिन-C समृद्ध भोजन नियमित रूप से लेने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन 70 से 90 मिलीग्राम विटामिन-C की आवश्यकता होती है। प्राकृतिक स्रोतों की बात करें तो संतरा, नींबू, आंवला, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, टमाटर, ब्रोकली और पालक इसके उत्कृष्ट स्रोत माने जाते हैं। इनमें से आंवला विटामिन-C की सबसे अधिक मात्रा रखने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है।

तेजी से बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान के दौर में विटामिन-C की उचित मात्रा बनाए रखना न केवल प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर की संपूर्ण कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए विटामिन-C का संतुलित सेवन आधुनिक जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में शामिल हो गया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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