AC और स्क्रीन का अधिक उपयोग बढ़ा रहा है ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा। डॉ. रजत कपूर से जानें आँखों की नमी बचाने के उपाय और 20-20-20 नियम की अहमियत।

Dry eye syndrome from AC and screens : भीषण गर्मी के इस दौर में एयर कंडीशनर (AC) हमें चिलचिलाती धूप से राहत तो देता है, लेकिन यही राहत आपकी आँखों के लिए एक गंभीर संकट का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक AC की कृत्रिम ठंडक में रहना और साथ ही डिजिटल स्क्रीन पर टकटकी लगाए रखना आपकी आँखों की प्राकृतिक रोशनी और नमी के लिए किसी 'साइलेंट किलर' से कम नहीं है। प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर के अनुसार, वर्तमान जीवनशैली में 'ड्राई आई सिंड्रोम' के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण आँखों की सुरक्षात्मक परत का नष्ट होना है।

हमारी आँखों की सतह पर 'टियर फिल्म' (Tear Film) नामक एक अत्यंत महीन और पारदर्शी परत होती है, जो आँखों को बाहरी संक्रमण से बचाने और उन्हें नम रखने का काम करती है। डॉ. कपूर बताते हैं कि जैसे ही AC कमरे के तापमान को कम करता है, वह हवा में मौजूद नमी को भी खींच लेता है। नमी रहित यह शुष्क हवा सीधे तौर पर हमारी टियर फिल्म को प्रभावित करती है, जिससे वह तेजी से वाष्पित होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप आँखों में जलन, चुभन, सूखापन और यहाँ तक कि दृष्टि में धुंधलापन आने जैसी गंभीर समस्याएँ पैदा हो जाती हैं।


समस्या की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब हम डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते समय पलक झपकाना कम कर देते हैं। शोध बताते हैं कि स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करते समय इंसान की पलक झपकाने की दर (Blink Rate) 40 से 50 प्रतिशत तक गिर जाती है। जब पलकें कम झपकती हैं, तो आँखों का लुब्रिकेशन रुक जाता है और ऊपर से AC की ठंडी हवा सीधे चेहरे पर पड़ने से आँखों की रही-सही नमी भी उड़ जाती है। इसके साथ ही, शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन इस समस्या को और अधिक विकराल बना देता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में शरीर पर्याप्त मात्रा में आँसू या नमी पैदा करने में असमर्थ होता है।


इस स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों ने '20-20-20 नियम' को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने की सलाह दी है। इस नियम के तहत हर 20 मिनट के स्क्रीन समय के बाद 20 सेकंड के लिए 20 मीटर दूर किसी वस्तु को देखना आवश्यक है। इसके अलावा, जानबूझकर पलकें झपकाना, पर्याप्त पानी पीना और AC की हवा के सीधे संपर्क से बचना कुछ ऐसे प्रभावी उपाय हैं जो आँखों की सेहत को बचाए रख सकते हैं। डॉ. कपूर का स्पष्ट कहना है कि यदि आँखों में लालिमा या जलन कई दिनों तक बनी रहती है, तो इसे केवल सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। यह 'ड्राई आई सिंड्रोम' के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं, जिनका समय पर इलाज न होने पर कॉर्निया को स्थायी नुकसान पहुँच सकता है। अंततः, तकनीकी आराम और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना ही आपकी अनमोल आँखों की दीर्घायु का एकमात्र सूत्र है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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