प्राकृतिक औषधियों की दुनिया में गिलोय (Giloy) एक ऐसा नाम है, जिसे आयुर्वेद में ‘अमृता’ यानी अमरत्व देने वाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। यह औषधीय पौधा न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि शरीर के कई प्रमुख अंगों को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होता है। गिलोय का नियमित सेवन विटामिन, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति करता है और शरीर को संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है।

गिलोय में विटामिन C, विटामिन B, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, थकान कम करने और ऊर्जा स्तर बढ़ाने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद हैं, जो कोशिकाओं को मुक्त कणों के नुकसान से बचाते हैं।


गिलोय के फायदे:

  • प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए – सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव में मदद करता है।
  • पाचन तंत्र सुधारें – अपच और पेट की समस्याओं को दूर करता है।
  • शुगर नियंत्रित करने में सहायक – डायबिटीज रोगियों के लिए लाभकारी।
  • लीवर और किडनी की सुरक्षा – शरीर के प्रमुख अंगों को डिटॉक्सिफाई करता है।
  • त्वचा और बालों की देखभाल – एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाए रखते हैं।


गिलोय कैसे खाएं:

  • गिलोय का रस (Giloy Juice) – ताजा गिलोय की पत्तियों या छाल से रस निकालकर दिन में एक या दो बार सेवन किया जा सकता है।
  • गिलोय की गोलियां या कैप्सूल – आयुर्वेदिक स्टोर पर उपलब्ध।
  • गिलोय की चाय – उबालकर पानी में गिलोय की छाल या पत्तियां डालकर सेवन किया जा सकता है।

गिलोय का रस बनाने की विधि:

  • 20–30 ग्राम गिलोय की छाल या पत्तियां लें।
  • इन्हें पानी में उबालें और ठंडा होने के बाद मिक्सी में पीस लें।
  • रस को छानकर दिन में 1–2 बार खाली पेट लें।
  • आवश्यकतानुसार शहद मिला सकते हैं।


गिलोय का नियमित सेवन बुखार, वायरल संक्रमण, डायबिटीज, जॉइंट पेन, डाइजेस्टिव समस्याएं और लीवर संबंधित रोगों में लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ इसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला और औषधीय गुणों से भरपूर पौधा मानते हैं। गिलोय केवल एक जड़ी-बूटी नहीं बल्कि स्वास्थ्य का संपूर्ण साधन है। इसे खाने और पीने के विभिन्न तरीकों से शामिल कर हम प्रतिरोधक क्षमता, पाचन स्वास्थ्य और अंगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय के रूप में गिलोय ने सदियों से आयुर्वेद में अपनी अहमियत बनाए रखी है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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