देशभर में स्वच्छता और स्वास्थ्य के स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान की शुरुआत कर दी है। यह अभियान 10 दिसंबर तक चलेगा और इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में बने शौचालयों की कार्यक्षमता, मरम्मत, सौंदर्य सुधार और संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। इसके साथ ही व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान का मुख्य फोकस ग्रामीण समुदायों और घरों में बने शौचालयों की स्थिति का मूल्यांकन करना, आवश्यक सुधार कार्य करना और स्वच्छता व्यवहार को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत विद्यालयों और स्थानीय समुदायों में स्वच्छता, जलवायु अनुकूल मल प्रबंधन प्रणाली और सेवा प्रोटोकॉल के बारे में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के दौरान जन भागीदारी को बढ़ावा देकर ग्रामीण स्वच्छता प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान की सफलता के लिए ग्राम पंचायतों से लेकर जिला स्तर तक जिम्मेदारियां तय की गई हैं। राज्यों को स्थानीय प्रमुख व्यक्तित्वों, पद्म पुरस्कार विजेताओं, पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ नागरिकों, युवा समूहों और विद्यालयी बच्चों को जागरूकता गतिविधियों में शामिल करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही स्वच्छता कर्मियों का सम्मान और पात्र परिवारों को शौचालय स्वीकृति पत्र वितरण भी अभियान में शामिल हैं।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की शुरुआत 2014 में हुई थी और 2019 तक देशभर में 11 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए जा चुके थे। मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत 2020 में हुई, जिसका मुख्य लक्ष्य खुले में शौचमुक्त (ODF) स्थिति की स्थिरता बनाए रखना और ग्रामीण क्षेत्रों को ODF प्लस मॉडल गांवों में परिवर्तित करना है। इस अभियान के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इन तंत्रों को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया गया है।

‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान ग्रामीण स्वच्छता को मजबूत करने और समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा में योगदान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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