हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में जहाँ ठंडी हवाएँ सुकून भी देती हैं, वहीं त्वचा का रूखापन, सर्दी–खाँसी, पाचन समस्या और जोड़ों का दर्द जैसी परेशानियाँ शरीर को घेर लेती हैं। ऐसे मौसम में आयुर्वेद का एक पुराना घरेलू नुस्खा एक बार फिर सुर्खियों में है नाभी में मोहरी (सरसों) का तेल डालने का उपाय। यह सरल-सा दिखने वाला उपाय शरीर को भीतर से गर्माहट देने से लेकर त्वचा को पोषण पहुंचाने तक कई प्राकृतिक लाभ प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार मोहरी का तेल स्वभाव से गरम होता है और इसकी कुछ बूंदें नाभी में डालने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है, जिससे ठंड का असर कम महसूस होता है। नाभी को शरीर के महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक माना जाता है, जहाँ से असर सीधा शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचता है। यही कारण है कि यह उपाय सर्द मौसम में शरीर को भीतर से उष्मा देता है और ऊर्जा बनाए रखता है।

सर्दियों में त्वचा का रूखापन बड़ी समस्या बन जाता है, लेकिन नाभी में मोहरी का तेल लगाने से त्वचा को अंदरूनी पोषण मिलता है। इससे न केवल ओलावा कायम रहता है, बल्कि त्वचा अधिक मुलायम और चमकदार भी दिखती है। नाभी का आंतों से जुड़ा होना पाचन तंत्र को भी इसमें शामिल करता है। रोज रात सोने से पहले हल्की मालिश के साथ मोहरी का तेल लगाने से पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है और गैस, अपचन तथा कब्ज जैसी आम समस्याओं में राहत मिलती है।

ठंड में बढ़ने वाला जोड़ों का दर्द भी मोहरी के तेल से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। तेल में मौजूद प्राकृतिक सूजन-रोधी तत्व शरीर में सूजन कम करने और दर्द घटाने में मदद करते हैं। वहीं इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे मौसमी सर्दी–जुकाम से बचाव आसान हो जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि रात में मोहरी का तेल नाभी में लगाने से नर्वस सिस्टम भी शांत होता है, जिससे नींद गहरी और बेहतर हो जाती है। यही कारण है कि यह उपाय न केवल स्वास्थ्य लाभ देता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी सुधारता है।

हर रात केवल 2–3 बूंद शुद्ध मोहरी का तेल नाभी में डालकर हल्की गोलाकार मालिश करने से यह प्राकृतिक नुस्खा अपनी प्रभावशीलता दिखाता है। सर्दियों की आम परेशानियों से राहत देने वाला यह पारंपरिक उपाय आधुनिक जीवनशैली में भी अपनी प्रासंगिकता साबित कर रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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