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मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद पंजाब ने किया इस जानलेवा दवाई को बैन, डॉक्टर को किया गया गिरफ्तार
By Manyaa ChaudharyPublished on
हाल ही में तमिलनाडु की एक दवाई बनाने वाली कंपनी, श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स पर हत्या का आरोप लगाया गया था। मध्य प्रदेश में इस कंपनी द्वारा निर्मित सिरप को पीने से 14 बच्चे प्रभावित होकर अपनी जान गवा बैठे। इनके सिरप में कुछ ऐसे रसायन मिले थे जो मनुष्यों के लिए हानिकारक हैं। जाँच के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इस दवाई पर बैन लगाया गया था।

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कोल्ड्रिफ सिरप
सितम्बर 2025 के अंत में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट सामने आया था। अब तक इसके कारण कई मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। शुरुवाती जांच के मुताबिक, तमिलनाडु में बनाई गई एक सिरप जानलेवा घोषित हुई। इसके कारण बच्चों में अचानक गंभीर किडनी फेलियर हुआ जो उनके मौत का कारण बन गया।
यह सिरप तमिलनाडु के श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित था। विशेषज्ञों के मुताबिक इस सिरप में डाइथाइलीन ग्लाइकोल (DEG) पाया गया जो मनुष्यों के लिए बहुत ज़्यादा हानिकारक है। इसका सेवन करना उपयुक्त नहीं है। इसका सेवन करने वाले बच्चों में अनियमित उल्टियां, कमज़ोरी और किडनी फेलियर के लक्षण देख कर डॉक्टर्स को पूरा विश्वास हो गया की ये लक्षण साधारण सर्दी-बुखार नहीं है।
प्रभावित हुए बच्चों के खून और यूरिन के सैम्पल्स को जाँच के लिए लैब भेजा गया था और रिपोर्ट्स में पता चला की इसमें 48.6% डाइथाइलीन ग्लाइकोल (DEG) है जो मनुष्यों के लिए जानलेवा है। इस हानिकारक दवाई का सीधा असर मनुष्यों के किडनी और नर्वस सिस्टम यानी के दिमाग पर पड़ता है।
तमिलनाडु में बन रही इस दवाई का नाम 'कोल्ड्रिफ' है। लैब में हुए जाँच के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत इस दवाई और इसकी कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया था। मध्य प्रदेश में प्रभावित होकर मरने वाले बच्चों की संख्या 14 हो चुकी थी। जिसके चलते इस कंपनी और इस दवाई को बेच रहे डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर, इनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकार को राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी कर के मामले की जाँच करने कहा था और इस दवाई पर पूरा रोक लगवाया गया। और अब हाल ही में इस सिरप और इसकी कंपनी के बाकी उत्पादों पर, पंजाब में भी रोक लगा दिया गया है।
पंजाब की सरकार ने इस सिरप को 'मानक गुणवत्ता का नहीं' (Not of Standard Quality) करार दिया है। पंजाब सरकार ने सख्त रूप से इसकी विक्री पर मनाई की है और ये आदेश दिया है के यदि किसी भी अस्पताल, क्लिनिक या फार्मेसी में इसके सैम्पल्स हैं तो तुरंत एफडीए ( Food and Drugs Department ) को सूचित किया जाए।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
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