सशक्त राजस्थान का सफर: दो वर्षों में विकास की नई इबारत लिखती डबल इंजन सरकार
राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में ऊर्जा, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, आवास, महिला सशक्तीकरण, जनजातीय विकास, कृषि और निवेश के क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों का विस्तृत विवरण। डबल इंजन सरकार के कुशल समन्वय से केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने राजस्थान को अग्रणी राज्यों में स्थापित किया है।

राजस्थान में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सामने आया विकास का विस्तृत लेखा-जोखा प्रदेश की तेज़ रफ्तार प्रगति और सुशासन का सशक्त प्रमाण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में देश के प्रमुख राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सुरक्षा, जनकल्याण, महिलाओं के आर्थिक उत्थान और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास जैसे क्षेत्रों में राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।
प्रदेश में केंद्र सरकार की योजनाओं को अत्यंत दक्षता से लागू करने के पीछे राज्य और केंद्र के बीच मजबूत प्रशासनिक समन्वय को अहम कारण माना जा रहा है। इसी बेहतर तालमेल का परिणाम है कि राजस्थान पीएम कुसुम योजना, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में पहुंच चुका है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 1.09 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं, जिनकी क्षमता 441 मेगावाट है। वहीं पीएम कुसुम योजना में पिछले दो वर्षों में राज्य 2460 मेगावाट की क्षमता स्थापित कर चुका है, जो पूर्व की तुलना में 2338 मेगावाट की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि ने किसानों को ऊर्जा उत्पादक बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता के नए रास्ते खोले हैं। इन संयंत्रों से प्राप्त बिजली से 1.54 लाख किसानों को दिन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति संभव हुई है।
जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी राजस्थान ने एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। रामजल सेतु लिंक परियोजना के लिए 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जो भविष्य में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगी। जल जीवन मिशन के अंतर्गत दो वर्षों में 13 लाख से अधिक घरों तक पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं और इस पर 10 हजार 482 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा के मोर्चे पर आयुष्मान भारत योजना ने प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत प्रदान की है। सिर्फ दो वर्षों में ही 30.68 लाख से अधिक मरीजों को 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.06 लाख पक्के घरों का निर्माण पूरा हो चुका है और 7.61 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे लाखों परिवारों का स्थायी आवास का सपना साकार हुआ है।
महिला सशक्तीकरण में भी राज्य ने नई मिसाल पेश की है। पीएम मातृ वंदना योजना से 9.92 लाख महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके साथ ही लखपति दीदी योजना के माध्यम से 19.45 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है और इनमें से 12.06 लाख महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इन योजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन ने डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से उजागर किया है।
जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान ने अभूतपूर्व प्रभाव दिखाया है। 6019 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है।
राज्य में रोजगार और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। ई-श्रम पोर्टल पर दो वर्ष में 17.41 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 87 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को ऋण स्वीकृत हुए हैं, जबकि पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 2.13 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण और 49 हजार 306 कारीगरों को ऋण उपलब्ध कराया गया है।
किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता राशि में बढ़ोतरी कर अन्नदाताओं को डबल लाभ प्रदान किया है। दो वर्षों में 76.18 लाख किसानों के खातों में 8 हजार 359 करोड़ रुपये से अधिक राशि हस्तांतरित की गई है। खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए 47.47 लाख लाभार्थियों द्वारा स्वेच्छा से ‘गिव-अप’ करने के बाद 70.17 लाख पात्र व्यक्तियों को सूची में जोड़ा गया है।
निवेश के क्षेत्र में राजस्थान तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से करोड़ों रुपये के निवेश धरातल पर आ चुके हैं। साथ ही केंद्रीय उपक्रमों के साथ 2.61 लाख करोड़ रुपये के एमओयू राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं।
डबल इंजन सरकार के इन दो वर्षों ने राजस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। विकास की गति को और सुदृढ़ करने का यह प्रयास आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के सर्वाधिक प्रगतिशील राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की क्षमता रखता है।
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Pratahkal Bureau
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