17 दिसंबर को प्रस्तावित किसान संगठनों के धरना–प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से मिल रही सूचनाओं के मद्देनजर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशासन और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी आंदोलन को पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और नियमानुसार संपन्न कराना रहा।

जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री हरी शंकर और उपखंड अधिकारी श्री मांगीलाल सुथार भी मौजूद रहे। बैठक में बीकेयू, अखिल भारतीय किसान सभा, सीआईटीयू तथा संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धरना–प्रदर्शन विधिवत अनुमति लेकर, पूर्व निर्धारित स्थान पर और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से ही किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने 10 दिसंबर को टिब्बी क्षेत्र में हुई कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा, आगजनी और मशीनों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिससे हालात बिगड़ गए थे। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार किसी भी तरह की अव्यवस्था या हिंसा को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। आयोजकों से अपेक्षित भीड़, पार्किंग, मार्ग प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित समस्त जानकारी पूर्व में साझा करने को कहा गया है।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि धरना–प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों, आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन ने दो टूक कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी। टिब्बी में पूर्व में ट्रैक्टरों के दुरुपयोग की घटनाओं को देखते हुए इस बार धरना स्थल पर ट्रैक्टर लाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।

उपखंड अधिकारी श्री मांगीलाल सुथार ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत कर विधिवत अनुमति लेने की अपील की। वहीं, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि धरना–प्रदर्शन और महापंचायत पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की जाएगी और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी।

बैठक में एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, सीओ श्रीमती मीनाक्षी, बीकेयू से श्री रेशम सिंह मानुका, श्री राय साहब चाहर, अखिल भारतीय किसान सभा से श्री मंगेज चौधरी, सीआईटीयू से श्री रघुवीर वर्मा, बीकेयू के श्री रवींद्र सिंह और श्री संदीप कंग भी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने अंत में दोहराया कि वह किसानों से संवाद के लिए सदैव तैयार है, लेकिन शांति और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आमजन से भी अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की गई।

Pratahkal Bureau

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