हनुमानगढ़, 18 नवम्बर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने हनुमानगढ़ जिले के सभी ईंट-भट्टा संचालकों से संचालन संबंधी नियमों में सुधार और स्पष्टता लाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। मंडल की ओर से जारी निर्देशों में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ईंट-भट्टों के संचालन नियमों की पुनः पुष्टि की गई है।

क्षेत्रीय अधिकारी श्री सुधीर यादव ने बताया कि जिले में ईंट-भट्टों में जलाई (फायरिंग) गतिविधियों की समय सीमा प्रस्तावित रूप से छह माह, अर्थात् 1 नवम्बर से 30 जून तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में बिना किसी अंतराल के फायरिंग की अनुमति देने संबंधी नियमों पर संचालकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

श्री यादव ने स्पष्ट किया कि ईंट-भट्टा मालिक अपनी सुझाव या आपत्तियां लिखित रूप में निर्धारित तिथि 27 नवम्बर तक जमा करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी सुझाव या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भट्टा संचालकों से आग्रह किया है कि वे प्रस्तावित नियमों पर अपनी राय अवश्य दें, ताकि जिले में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से न केवल ईंट-भट्टा उद्योग में नियमों की स्पष्टता आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

Pratahkal Bureau

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