हनुमानगढ़, 2 दिसंबर। जिले में वर्ष 2025-26 की रबी फसलों की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है और किसान इस समय पहली सिंचाई के साथ खड़ी फसलों में यूरिया की स्प्लिट डोज दे रहे हैं। इस बीच, कृषि विभाग ने उर्वरकों के सुचारू वितरण और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जो बाजारों और वितरण केंद्रों पर निगरानी कर रहे हैं।

कृषि विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा कि मूल्य से अधिक राशि वसूलने, कालाबाजारी करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अन्य राज्यों की ओर अवैध परिवहन रोकने के लिए पुलिस चौक पोस्टों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही, किसी भी प्रकार की टैगिंग—जैसे यूरिया और डीएपी के साथ सल्फर, बायोपोटाश, हर्बीसाइड, पेस्टिसाइड, सूक्ष्म तत्व मिश्रण या बायोफर्टिलाइज़र जैसे उत्पाद जोड़ना—पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एफसीओ-1985, उर्वरक संचलन आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 का उल्लंघन है। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि टैगिंग पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता या विक्रेता के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों से अपील की गई है कि यदि कोई विक्रेता उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद बेचने का प्रयास करे या टैगिंग करे, तो इसकी शिकायत तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष—97821-91165 पर दर्ज कराएं। विभाग ने आश्वस्त किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह पहल किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और बाजार में अनुचित प्रथाओं को रोकने के लिए एक निर्णायक कदम साबित होगी।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story