हनुमानगढ़ में सौर ऊर्जा पंप योजना सस्ती हुई, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
हनुमानगढ़ में सौर ऊर्जा पंप योजना पर जीएसटी कटौती के बाद किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्य के तहत प्रशासनिक स्वीकृतियां और कार्यादेश जारी किए जा रहे हैं। किसान शीघ्र आवेदन कर दस्तावेज अपलोड कर योजना का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

हनुमानगढ़, 28 नवम्बर। जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है। उद्यान विभाग द्वारा क्रियान्वित सौर ऊर्जा पंप योजना अब और सस्ती हो गई है, जिससे किसानों की आर्थिक 부담 कम होगा और योजना की गति बढ़ेगी। जीएसटी में हालिया कटौती के बाद किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है, और विभाग ने संशोधित प्रशासनिक स्वीकृतियां व कार्यादेश जारी करना शुरू कर दिया है।
उद्यान उप-निदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 2,500 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 1,155 प्रशासनिक स्वीकृतियां और 890 कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। 22 सितम्बर 2025 से लागू नई जीएसटी दरों के कारण सामान्य श्रेणी के कंट्रोलर वाले विभिन्न पंप क्षमताओं पर किसानों को 4,209 से 7,811 रुपये तक की सीधी बचत होगी। जिन किसानों ने पुरानी दरों के अनुसार राशि जमा की थी और जिनके बिल 22 सितंबर से पहले फर्मों द्वारा जारी नहीं हुए थे, उन्हें भी संशोधित स्वीकृतियां जारी कर अतिरिक्त राशि वापस लौटाई जाएगी।
विभाग किसानों के ऑनलाइन आवेदन की डॉक्यूमेंट स्क्रूटिनी कर रहा है। दस्तावेज अधूरे होने पर आवेदन "बैक टू सिटीजन" किया जा रहा है, ताकि किसान आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड कर सकें। किसान ई-मित्र केंद्र या स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर आपत्तियों को पूरा नहीं किया गया, तो आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
योजना के तहत पीएम-कुसुम कंपोनेंट ‘बी’ में ऑफ-ग्रिड स्टैंड-अलोन सोलर पंप परियोजना पर 60% अनुदान प्रदान किया जाएगा, जबकि 40% राशि किसान द्वारा वहन की जाएगी। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को 60% अनुदान के अतिरिक्त 45,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। वर्तमान में 3, 5, 7.5 और 10 एचपी क्षमता वाले एसी/डीसी पंप, सर्फेस/सबमर्सिबल पंप और विभिन्न श्रेणी के कंट्रोलर हेतु 32 अनुमोदित फर्में कार्यरत हैं। तकनीकी सर्वेक्षण के आधार पर पंप क्षमता में आवश्यकतानुसार बदलाव भी किया जा सकता है।
आवेदकों को जनाधार कार्ड, नवीनतम जमाबंदी व नक्शा, जल स्रोत और डीजल पंप से सिंचाई करने का शपथ पत्र, विद्युत कनेक्शन न होने और पहले कभी सौर संयंत्र पर अनुदान न लेने का शपथ पत्र, तथा अनुमोदित फर्म का चयन करना आवश्यक है।
डॉ. बराला ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें, ताकि योजना का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जीएसटी कटौती से किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और जिले में सौर ऊर्जा से सिंचाई को बढ़ावा मिलेगा।

Pratahkal Bureau
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