नोहर में सिद्धमुख सिंचाई प्रणाली के सी ग्रुप रेगुलेशन के तहत पानी छोड़े जाने के 25 घंटे बाद भी रसलाना वितरिका सहित संबंधित माइनरों और खालों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों का आक्रोश बढ़ गया है। किसानों ने रेगुलेशन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय कागजों में पानी चल रहा है, लेकिन धरातल पर खेतों तक पहुंचने वाली नहरें, माइनर और खाले सूखे पड़े हैं।

किसानों के अनुसार, खरीफ सीजन में भी उन्हें पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिला था। अब रबी सीजन में भी यही स्थिति बनने से फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि रेगुलेशन जारी होने के बावजूद सिंचाई पानी नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने भादरा क्षेत्र में जल चोरी और अवैध मोघों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने जल संसाधन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पानी के वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

किसानों ने मांग की है कि रसलाना वितरिका सहित संबंधित माइनरों और खालों की टेल तक निर्धारित मात्रा में पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए नियमित निगरानी और गश्त करने के साथ नहरों में पानी के प्रवाह की माप कराई जाए, ताकि पानी की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसी भी गड़बड़ी पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

किसानों का स्पष्ट कहना है कि जब तक टेल तक पानी नहीं पहुंचता, तब तक रेगुलेशन का कोई औचित्य नहीं है। उन्हें विभागीय कागजों में जारी आदेश नहीं, बल्कि खेतों तक वास्तविक सिंचाई पानी चाहिए। ऐसे में रसलाना वितरिका और संबंधित माइनरों में पानी पहुंचने की स्थिति किसानों के लिए अहम बनी हुई है।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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