जयपुर, 15 दिसम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान कल्याण के संकल्प को मूर्त रूप देने और प्रदेश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने लगातार ठोस कदम उठाए हैं। राज्य की दो वर्ष पूर्ण होने पर यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि, कृषि सुरक्षा और आधुनिकीकरण के माध्यम से उन्हें नई पहचान दी है।

राज्य सरकार की मेहनत का असर सीधे किसानों तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक प्रदेश के 76.18 लाख किसानों को 10,432 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इस योजना के तहत सहायता राशि को बढ़ाकर 6,000 रुपये से 9,000 रुपये कर दिया गया है, जिससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा और सशक्तिकरण मिला है।

अल्पकालीन फसली ऋण और दीर्घकालीन सहकारी ऋण के माध्यम से किसानों को कुल 44,423 करोड़ रुपये वितरित किए गए, जबकि बिजली और अन्य अनुदानों के रूप में 44,558 करोड़ रुपये की मदद भी किसानों तक पहुंचाई गई। प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से 6,207 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम का भुगतान कर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई।

किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गई। 2.66 लाख किसानों से 33.42 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की गई, जिसमें 471.16 करोड़ रुपये का बोनस भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, 12.60 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद कर लगभग 5 लाख किसानों को 8,191 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

राज्य में सिंचाई और बिजली की सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। 84,592 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित की गई और 1.86 लाख नए कृषि विद्युत कनेक्शन जारी किए गए। 22 जिलों में दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था कर कृषि कार्य में निरंतरता सुनिश्चित की गई।

स्वच्छ ऊर्जा और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान ने पीएम-कुसुम योजना में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। 51,927 सोलर पंप स्थापित किए गए, जिन पर 822 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस योजना में राजस्थान ने कुसुम-ए में प्रथम और कुसुम-सी में तृतीय स्थान हासिल किया।

पशुपालन को भी किसानों की आय का मजबूत स्रोत बनाने के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20.30 लाख पशुओं का बीमा किया गया। दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना और गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से कुल 89,604 परिवारों को आर्थिक सहायता और ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया गया।

कृषि आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए 1.02 लाख कृषि यंत्रों पर 230 करोड़ रुपये का अनुदान, 2.21 लाख किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए 1,018 करोड़ रुपये की सहायता, और डिग्गी एवं फार्म-पॉन्ड के निर्माण पर 371 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। साथ ही 42.66 लाख वर्गमीटर ग्रीन और शेडनेट हाउस तथा 29,926 किलोमीटर तारबंदी पर 527 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया।

इन प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि युवा वर्ग में कृषि के प्रति रुचि और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। राज्य सरकार की यह रणनीति राजस्थान को कृषि सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर ले गई है।

Pratahkal Bureau

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