जयपुर, 11 दिसम्बर। राजस्थान में राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ ही रोजगार व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का नया दौर शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में एक ऐसी व्यवस्था तैयार हुई है, जिसने युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। लंबे समय तक पेपर लीक और अनियमितताओं से जूझती भर्ती प्रणाली अब मजबूत हुए तंत्र, कठोर कार्रवाई और आधुनिक सुरक्षा उपायों की बदौलत अभूतपूर्व रूप से सुरक्षित हो गई है।

राज्य सरकार द्वारा विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन इस परिवर्तन का सबसे बड़ा आधार साबित हुआ है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एसओजी, विशाल बंसल के अनुसार, 16 दिसंबर 2023 को गठित एसआईटी ने सिर्फ दो वर्षों में भर्ती प्रणाली को पूरी तरह बदलने वाला निर्णायक असर दिखाया है। एसआईटी की सतर्कता और त्वरित कार्रवाइयों के चलते 6 नवंबर 2025 तक राजस्थान लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड और अन्य भर्ती संस्थाओं द्वारा कुल 296 छोटी-बड़ी परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक की घटना के सफलतापूर्वक आयोजित की गईं।

परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा इतनी मजबूत हो चुकी है कि केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं और राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित अन्य चयन परीक्षाएं भी बिना किसी बाधा के सम्पन्न हुईं। युवाओं और अभ्यर्थियों के मन में फिर से भरोसा लौटा है कि उनकी मेहनत सुरक्षित है और उनके भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ संभव नहीं।

पेपर लीक गिरोहों पर कार्रवाई में भी सरकार ने कोई रियायत नहीं दी। एसआईटी द्वारा अब तक 138 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 394 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आंकड़े नकल माफिया और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

कई हाई-प्रोफाइल मामलों में निर्णायक कार्रवाई ने इस अभियान को और मजबूती दी है। एसआई भर्ती परीक्षा-2021 में गड़बड़ियों के मामले में आरपीएससी के एक निलंबित सदस्य और एक पूर्व सदस्य तक को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में 132 आरोपी पकड़े गए, जिनमें प्रशिक्षणरत और चयनित कुल 67 उप निरीक्षक भी शामिल थे। इसी तरह जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2018 में पेपर लीक के मुख्य आरोपी और टीसीएस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जगजीत सिंह की गिरफ्तारी भी एसआईटी की बड़ी उपलब्धि रही।

सरकार ने युवाओं को योजनाबद्ध तैयारी का अवसर देने के लिए परीक्षा कैलेंडर की व्यवस्था भी सुदृढ़ की है। आरपीएससी और आरएसएसबी द्वारा जारी किए जाने वाले विस्तृत कैलेंडर ने अभ्यर्थियों को एक स्थाई और भरोसेमंद दिशा प्रदान की है, जिससे परीक्षाओं की तैयारी का तनाव कम हुआ है।

सरकार के दो साल के कार्यकाल में 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियों का लाभ मिल चुका है, जबकि 1.53 लाख से भी अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान में रोजगार का सबसे बड़ा अभियान अब मजबूत धरातल पर खड़ा है।

दो वर्षों में रोजगार, पारदर्शिता और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली का यह सफर राजस्थान को नई पहचान देता है— एक ऐसे राज्य की, जहां मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य सुरक्षित है और अवसरों का विस्तार तेजी से हो रहा है।

Pratahkal Bureau

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