राजस्थान सरकार की संयुक्त सहायता योजना: दिव्यांगजन को निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध
राजस्थान सरकार की संयुक्त सहायता योजना के तहत 40% या उससे अधिक अक्षमता वाले दिव्यांगजन अब व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आवेदन प्रक्रिया सरल बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लाभ सुनिश्चित किया है।

हनुमानगढ़, 2 दिसंबर – राजस्थान सरकार ने दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य स्तर पर संचालित यह संयुक्त सहायता योजना दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियों से उबरने में मदद करती है। योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक अक्षमता वाले पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं।
योजना के अंतर्गत व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र, वॉकिंग स्टिक, बैसाखी सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। पात्र लाभार्थी अपने ब्लॉक स्तर के सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कार्यालय या जिला मुख्यालय स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय से संपर्क कर अपना आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना की प्रक्रिया को विशेष रूप से सरल बनाया गया है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजन भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें। आवेदन के लिए आधार कार्ड की प्रति, जनाधार, यूडीआईडी कार्ड या दिव्यांगता प्रमाण पत्र, तथा दिव्यांगता दर्शाती नवीनतम फोटो संलग्न करना आवश्यक है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री विक्रम सिंह ने बताया कि यह पहल दिव्यांगजन के आत्मनिर्भर बनने और उनके जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लाभार्थियों से आग्रह किया कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के संबंधित कार्यालय से संपर्क कर योजना का लाभ अवश्य उठाएँ।
राज्य सरकार की यह पहल न केवल दिव्यांगजनों को जीवन में स्वतंत्रता देती है, बल्कि उन्हें समाज के मुख्यधारा में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर भी प्रदान करती है।

Pratahkal Bureau
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