नोहर, 6 नवम्बर। वित्तीय लेन-देन में बढ़ती चैक अनादरण की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए नोहर न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट डिम्पल कुमार ने चैक बाउंस के मामले में आरोपी दलीप सिंह निवासी सोनड़ी, तहसील नोहर को एक वर्ष के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामले के अनुसार, कस्बा नोहर के हनुमान प्रसाद और दलीप सिंह के बीच लंबे समय से लेन-देन का संबंध था। फरवरी 2017 में दलीप सिंह ने घरेलू आवश्यकताओं के चलते हनुमान प्रसाद से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। ऋण की अदायगी हेतु दलीप सिंह ने एक्सिस बैंक के दो चैक हनुमान प्रसाद को सौंपे। परंतु जब चैक बैंक में प्रस्तुत किए गए, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण भुगतान अस्वीकार कर दिया गया।

इसके बाद हनुमान प्रसाद ने न्यायालय में दलीप सिंह के विरुद्ध चैक अनादरण अधिनियम के तहत परिवाद दायर किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद दलीप सिंह को दोषी ठहराया। न्यायिक मजिस्ट्रेट डिम्पल कुमार ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास के साथ जुर्माने से दंडित करने का आदेश दिया।

इस मामले में परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उत्तम सिंह लूणा ने प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायालय को समुचित तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय का यह फैसला चैक अनादरण के मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में ऐसे वित्तीय विवादों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करेगा।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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