नोहर। अपनी मेहनत की फसल का जायजा लेने और प्राकृतिक आपदाओं के दंश से जूझने वाले किसानों के लिए राहत की एक बड़ी उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत लंबे समय से लंबित और अनवेरीफाइड क्षतिपूर्ति मामलों के निपटारे के लिए नोहर में एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। शुक्रवार, 2 जनवरी से कृषि कार्यालय नोहर के प्रांगण में चार दिवसीय 'फसल बीमा सहायता कैंप' का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाना है, जो तकनीकी कारणों या कागजी खानापूर्ति की वजह से अपने हक के बीमा क्लेम से वंचित रह गए थे।

इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन उपखंड अधिकारी (एसडीएम) राहुल श्रीवास्तव और कृषि विभाग के सहायक निदेशक (विस्तार) रामप्रताप गोदारा ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के तुरंत बाद अधिकारियों ने शिविर में मौजूद किसानों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना और उनके बकाया प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एसडीएम राहुल श्रीवास्तव ने मौके पर उपस्थित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि वे प्रत्येक प्रकरण का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें ताकि कोई भी पात्र किसान सहायता से वंचित न रहे।

सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय में आयोजित हो रहे इस व्यापक शिविर में कृषि विभाग के आला अधिकारियों के साथ-साथ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआईसी) के प्रतिनिधि और संबंधित बैंकों के अधिकारी भी एक छत के नीचे जुटे हैं। यह शिविर उन जटिल मामलों के समाधान के लिए एक संजीवनी बनकर उभरा है, जहाँ किसानों की मृत्यु के पश्चात उत्तराधिकार संबंधी विवाद थे। कैंप में उन प्रकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहाँ न्यायालय से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी होने के बावजूद बीमा राशि वारिसों के खातों में नहीं पहुंची है। इसके अतिरिक्त, आधार मिसमैच, बैंक खाता बंद होने की स्थिति में अन्य खाते में राशि का हस्तांतरण, बीमा क्लेम सेटलमेंट में आ रही तकनीकी अड़चनें और चक या पटवार मंडल के मिलान न होने जैसी विसंगतियों का भी मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।

शिविर की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए भूमि विकास बैंक के चेयरमैन एडवोकेट राजेंद्र सिहाग ने कहा कि ये शिविर क्षेत्र के अन्नदाताओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इन माध्यमों से वर्षों से लंबित पड़े पुराने मामलों का प्रभावी निपटारा किया जा रहा है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक संबल मिलेगा। 5 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्राप्त होने वाले सभी जटिल प्रकरणों का निस्तारण एआईसी बीमा कंपनी और उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के साथ करवाया जाएगा। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि किसानों के प्रति सरकार और विभाग की संवेदनशीलता का भी प्रमाण है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story