नोहर 4 अप्रैल: बदलते मौसम का असर अब किसानों की मेहनत पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। नोहर क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में रबी फसलों की कटाई के बीच हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। शुक्रवार को कई गांवों में ओलावृष्टि होने की जानकारी मिली है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बारिश में भीग रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है।

फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर मंडराया खतरा

इस समय क्षेत्र में गेहूं, सरसों और चने की फसल पूरी तरह पक चुकी है और अधिकांश जगहों पर कटाई का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। ऐसे में अचानक मौसम का बदलना और बारिश का होना किसानों के लिए किसी संकट से कम नहीं है। खेतों में पड़ी कटी फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है, जिससे उसकी गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन घटने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि पूरे साल की मेहनत और लागत इस फसल पर निर्भर होती है। लेकिन बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो मंडियों में फसल का दाम भी प्रभावित हो सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ेगा।

कई गांवों में भारी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

शुक्रवार दोपहर बाद क्षेत्र में अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। जानकारी के अनुसार दीपलाना, अरड़की, दलपतपुरा, चेनपुर, बडबीराना, रानीसर, मंदरपुरा आदि गांवों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से खड़ी फसल झुक गई और कटी फसल पूरी तरह भीग गई। ग्रामीण इलाकों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और हर किसी को अब मौसम साफ होने का इंतजार है ताकि जल्द से जल्द फसल को सुरक्षित घर या गोदाम तक पहुंचाया जा सके। कई किसानों ने जल्दबाजी में कटाई तेज कर दी है, लेकिन लगातार बदलते मौसम के कारण स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह और बचाव के उपाय

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि "कटाई के बाद फसल को खुले में रखने के बजाय सुरक्षित स्थान पर भंडारण करना चाहिए। साथ ही मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए कार्य करने से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।" बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।

विधायक अमित चाचाण ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसको लेकर नोहर विधायक अमित चाचाण ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर विशेष गिरदावरी करवाने और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है। विधायक ने अपने पत्र में बताया कि नोहर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि के कारण गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि "प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।" इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की भी आवश्यकता बताई।

Pratahkal Bureau

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